Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
चमोली: प्रशांत ने बताया कि उन्होंने एनडीए के लिए कक्षा 12 वीं से तैयारी शुरू कर दी थी पिछले 3 प्रयासों में वह असफल रहे लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और तमाम चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने चौथे प्रयास में 303वीं रैंक हासिल की।
कहते हैं न जिसके अंदर कुछ बनने का जूनून और जज्बा होता है वो अपने हालातों को दोष नहीं देता बल्कि मेहनत करके अपनी मंजिल तक पहुँच ही जाता है। ऐसा ही कुछ चमोली की 19 वर्षीय प्रशांत भट्ट ने कर दिखाया है। जहाँ आजकल का युवा सोशल मीडिया की चकाचौंद से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं वहीं इन्होने उसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब को अपना हथियार बनाकर सफलता का परचम लहराया है। तीन बार असफल होने के बावजूद ये अपने लक्ष्य पर डेट रहे और सफल होकर सेना में अधिकारी का सपना पूरा करके दिखाया।
प्रशांत भट्ट मूलरूप से चमोली जिले के कुंड डुंगरा, स्वर्का पट्टी कपीरी, पोस्ट ऑफिस नौली, तहसील कर्णप्रयाग के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा 12वीं से ही वे एनडीए की तैयारी में जुट चुके थे और घर पर ही रहकर उन्होंने यूट्यूब की मदद से सेल्फ स्टडी करके एनडीए जैसी कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण किया। 3 बाद असफलता हाथ लगने की बाद उन्होंने अपनी गलतियों में सुधार किया और चौथे एटेम्पट में 303 वीं रैंक हासिल कर अब सेना में अफसर बनने जा रहे हैं। प्रशांत बताते हैं कि पहले उन्होंने कुछ महीने कोचिंग भी ली थी, लेकिन बाद में सेल्फ स्टडी पर ही फोकस किया और घर में रहकर यूट्यूब से पढ़ाई की।उन्होंने बताया कि उनकी माता जी शकुंतला देवी एम्स ऋषिकेश में गार्ड की नौकरी करती हैं और पिता जेपी भट्ट भी वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में ही पीआरओ डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। उनके लिए यह बहुत ही बड़ी उपलब्धि है कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बन के देश की सेवा करेगा। वह जल्द ही प्रशिक्षण के लिए खड़कवासला, पुणे जाएंगे जिसके बाद एक साल की ट्रेनिंग देहरादून IMA में करेंगे।