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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पिथौरागढ़: सीमांत जिले के युवक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन के दम पर परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए एक नई मिसाल खड़ी की है। उनकी इस सफलता से पूरे उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है।
हर साल यूपीएससी द्वारा सीडीएस (कंबाइंड डिफेन्स सर्विसेज) परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यर्थी आवेदन करते हैं मात्र कुछ ही उम्मीदवार होते हैं जिनका सीडीएस परीक्षा में चयन होता है। इस परीक्षा में पास हुए कुछ ऐसे होते हैं जिनकी कहानियां जब लोगों के सामने आती है तो वह लोगों को प्रेरणा देने का काम करती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी पिथौरागढ़ के बलतड़ी गांव निवासी रोहित भट्ट की है।
बता दें कि रोहित का परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है इनके पिता उमेश भट्ट मनरेगा में मजदूर हैं और उनकी माँ हेमा भट्ट एक ग्रहणी हैं। रोहित की शुरुआती पढ़ाई कक्षा आठ तक गौड़ीहाट विद्यालय से पास की है। इसके बाद इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई इन्होने नवोदय विद्यालय से की फिर लक्ष्मण सिंह महर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ से स्नातक की डिग्री हासिल की। जिसके पश्चात वह सीडीएस परीक्षा की तैयारियों में जुट गए थे।
बुधवार को सीडीएस क्वालिफाई करके गांव पहुंचे किसान उमेश भट्ट के पुत्र रोहित भट्ट का भव्य स्वागत किया गया। एक बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले रोहित की इस सफलता के बाद से माता-पिता और बहन पूजा बेहद खुश हैं। वे अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हैं। राज्य समीक्षा रोहित के उज्जवल भविष्य की कामना करता है.. आप भी बधाई दीजिये