देहरादून के पलटन बाजार में आग लगाने वाले आरोपी को पुलिस ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। व्यापारिक रंजिश और लेनदेन विवाद के चलते दिए था घटना को अंजाम।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Paltan Bazaar Fire Accused Arrested
देहरादून: घटना के बाद जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो पता चला कि आग शॉर्ट सर्किट से नहीं बल्कि किसी व्यक्ति ने पेट्रोल डालकर लगाई थी। जिसके बाद ही यह खुलासा हो पाया और पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
Paltan Bazaar Fire Accused Arrested
बीते 24 अप्रैल की देर रात को पलटन बाजार स्थित 'ओमजी गारमेंट्स' की दुकान पर आग लग गई थी इसी बीच आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने किसी तरह शोरूम का शटर तोड़कर पानी की बौछार शुरू की और करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक दुकान में रखे कपड़े, जूते, एसी, पंखे और नकदी जलकर राख हो गए थे।
पेट्रोल छिड़ककर लगाई थी आग
घटना के बाद जब आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई तो उसमें एक व्यक्ति स्कूटी पर सवार एक व्यक्ति दुकान के बाहर आया फिर स्कूटी की डिग्गी से पेट्रोल निकाला। इसके बाद दुकान के बाहर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। जिसके बाद दुकान स्वामी नवनीत राजवंशी निवासी 49 पल्टन बाजार द्वारा कोतवाली नगर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुकान में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने के संबंध में तहरीर दी गई।
विवाद के चलते हुआ अग्निकांड
एसएसपी अजय सिंह ने बताया आरोपी अरुण कालरा आग लगाने के बाद अपने फोन को घर पर छोड़कर अपनी पत्नी के मोबाइल लेकर उत्तराखंड वोल्वो बस में सवार होकर दिल्ली की तरफ निकल गया। लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे ट्रैक करके मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया। घटना में शामिल आरोपी अरूण कालरा पुत्र चानन शाह कालरा, निवासी गोविंद गढ, थाना कैन्ट (देहरादून) का राजपुर रोड पर एक रेस्टोरेंट है। अभी तक हुई पूछताछ में पता चला कि ओमजी गारमेंट में आग लगाने का कारण पैसों का लेनदेन और दोनों पक्षों के बीच कोर्ट केस विवाद है। फिलहाल अन्य कारणों की जांच की जा रही है।