ऋषिकेश: आज एक पिता और पुत्र गंगा के तेज बहाव में बह गए। एसडीआरएफ उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका है।
गर्मी बढ़ते ही ऋषिकेश और हरिद्वार में पर्यटकों का जमावड़ा लग जाता है। पिछले कुछ दिनों पहले भी पर्यटकों के बहने की खबर यहाँ से आई थी। प्रशासन द्वारा मना करने के बावजूद भी लोग मनमानी करके ऐसी जगह नहाते हैं जहाँ पर तेज बहाव है या सरकार ने प्रतिबंधित किया हो। इसका खामियाजा उन्हें अपनी ज़िन्दगी से चुकाना पड़ता है। ऋषिकेश में लोगों के गंगा में डूबने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार घटना आज दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। संजय थापा उम्र 52 वर्ष अपने परिवार के साथ देवप्रयाग से देहरादून की तरफ जा रहे थे। वह अचानक रास्ते में रुके और मालाकुंठी पुल के पास नदी में नहाने के लिए उतर गए। तभी संजय का बेटा आशीष थापा उम्र 23 वर्ष गंगा में डूबने लगा। बेटे को डूबता देख उसे बचाने के लिए पिता भी गंगा में उतर गए और दोनों तेज बहाव में बह गए। फिर उनकी पत्नी सरिता थापा व एक अन्य पुत्र दिव्य ऋषि ने शोर मचाया तो लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद से एसडीआरएफ दोनों की तलाश में जुटी है।