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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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बागेश्वर: राज्य में भीषण बारिश होने के कारण जंगलों में धधकती हुई आग तो बुझ गई, लेकिन कई जगहों पर बाढ़ और आपदा की समस्या पैदा हो गई। नैनीताल और उत्तरकाशी में बाढ़ आने के बाद अब बागेश्वर में भीषण बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो गई। जिससे बागेश्वर के कई इलाकों में तबाही मच गई है।
बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में बृहस्पतिवार की देर रात भीषण बारिश से तबाही हो गई है। साथ ही बारिश से जिला मुख्यालय के मंडलसेरा के कुंती नाला में उफान आ गया। कुंती नाला में उफान आने के कारण रातभर स्थानीय लोग दहशत में रहे।
मंडलसेरा के साथ ही कई स्थानों पर बारिश का पानी भर जाने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर खड़े वाहन मलबे में डूब गए। स्थानीय लोगों के घरों में पानी और मलबा घुसने के कारण लोग परेशान हो गए हैं। बागेश्वर जिला अस्पताल के वार्ड में पानी भर जाने के कारण रात में ही मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। बृहस्पतिवार को बागेश्वर, कपकोट समेत कई स्थानों पर रात भर बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने के कारण कपकोट सीएचसी में एक्स-रे भी नहीं हो पा रहे हैं। कपकोट में सड़क पर खड़ी बीआरओ की पोकलेन बारिश के पानी के साथ गधेरे में बह गई। नाले में उफान आने से ठाकुरद्वारा में सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।