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उत्तरकाशी: आठ ट्रैकरों की मौत की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि 6 को वायुसेना ने रेस्क्यू करके एयरलिफ्ट किया अभी अन्य आठ लोगों की तलाश जारी है। इनमें 18 सदस्य कर्नाटक और एक महाराष्ट्र तथा तीन लोकल गाइड शामिल थे।
कुछ दिन पूर्व 29 मई को मल्ला-सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रेक पर हिमालयन व्यू ट्रेकिंग एजेंसी, मनेरी के द्वारा एक 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल भेजा गया था जिसमें 18 लोग कर्नाटक, एक महाराष्ट्र और तीन लोकल गाइड शामिल थे। इन्हें 29 मई को सहस्त्रताल के ट्रेकिंग अभियान पर रवाना किया गया था और इन्हें 7 जून को वापस लौटना था। लेकिन मंगलवार 04 जून को अंतिम शिविर से सहस्त्रताल पहुंचने के दौरान मौसम ख़राब हो गया जिस कारण ये लोग रास्ता भटक गए। सम्बंधित ट्रैकिंग एजेंसी ने इनकी खोजबीन शुरू की तो इन्हें चार लोगों के मृत्यु होने की खबर मिली और अन्य 13 लोगों के फंसे होने की घटना को इन्होने SDRF को अवगत कराया। जिसके बाद वायुसेना की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और अभी तक कुल 8 लोगों के मौत की खबर मिली है जबकि 6 लोगों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है। वायुसेना की हेली सर्च एवं रेस्क्यू टीम सर्च अभियान में लगी हुई है।
हिमालयन व्यू ट्रेकिंग एजेंसी के भगवत सेमवाल ने इस मामले में बताया कि सहस्त्रताल ट्रैक करीब साढ़े 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहाँ जाने के लिए भटवाड़ी ब्लाक के सोरा गांव से 45 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करना पड़ता है। आजकल का मौसम ट्रैकिंग के लिए अनुकूल होता है लेकिन जब ट्रैकर अधिक ऊंचाई पर पहुँच जाता है तो वहां पर तेज हवा के साथ ही धुंध फैल जाती है जिस कारण ट्रैकर रास्ता भटक जाते हैं और यही वजह रही होगी इनके रास्ता भटकने की।