पौड़ी गढ़वाल: शहीद भूपेंद्र नेगी की अश्रुपूरित विदाई, बहादुर बेटे की याद में रो पड़ा पूरा गांव

देश सेवा करते हुए लद्दाख में शहीद भूपेंद्र नेगी का कल सुबह उनके पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Bhupendra Negi Pauri Garhwal: Tearful farewell to martyr Bhupendra Negi
Image: Tearful farewell to martyr Bhupendra Negi

पौड़ी गढ़वाल: भूपेंद्र नेगी देश सेवा करते हुए लद्दाख में शहीद हो गए, लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में श्योक नदी टैंक अभ्यास के दौरान यह हादसा हुआ। उनके पैतृक गांव के पैतृक घाट पर शहीद का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। लद्दाख में भारतीय सेना के जवानों के साथ एक दर्दनाक हादसा हुआ है। सेना के जवान लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में नदी पार करने का टैंक अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया, हादसे में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) व चार जवान शहीद हो गए। इन जवानों में पौड़ी के भपेंद्र नेगी भी शामिल थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

पैतृक गांव में किया गया अंतिम संस्कार

कल 2 जुलाई की सुबह शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया। शहीद जवान भपेंद्र नेगी पौड़ी जिले के पाबौ ब्लॉक के बिशल्ड गांव का रहने वाले थे। जहाँ उनको आखिरी सलामी दी गई। उनके बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है। भूपेंद्र नेगी अपने पीछे तीन बच्चे, पत्नी और पिता को छोड़ गए हैं। पार्थिव शरीर पहुँचने के बाद उनका अंतिम संस्कार पैतृक घाट में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और उनके परिवार को इस अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।