बीते कुछ दिनों से दिल्ली में केदारनाथ धाम की तर्ज पर मंदिर बनाये जाने पर बवाल मचा हुआ है, तीर्थ पुरोहितों का प्रदर्शन लगातार जारी है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Delhi Kedarnath Temple Dispute in Uttarakhand
रुद्रप्रयाग: दिल्ली के बुराड़ी में बन रहे केदारनाथ धाम के प्रतिकात्मक मंदिर निर्माण का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है और वहीं दूसरी तरफ केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट द्वारा इसकी तैयारियां इतनी तेजी से चल रही हैं। दिल्ली आने वाली मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग भी लग चुके हैं।
Delhi Kedarnath Temple Dispute in Uttarakhand
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बन रहे केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक मंदिर निर्माण के खिलाफ तीर्थ पुरोहित, साधु संत, व्यापारी और तीर्थयात्री केदारनाथ मंदिर परिसर में एकत्रित होकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे है, बीते दिन साधु-संतों ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि को लेकर जोर-जोर से डमरू बजाया और तीर्थ पुरोहितों ने बीकेटीसी अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस्तीफे की मांग भी की है। केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास के बाद से केदारघाटी से लेकर केदारनाथ धाम में आक्रोश बना हुआ है। तीर्थ पुरोहितों सरकार को चेतावनी दी है यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो जनता सरकार बनाना भी जानती है तो सरकार को उखाड़ना भी जानती है।
दिल्ली में केदारनाथ धाम मंदिर निर्माण में तेजी
दिल्ली के बुराड़ी (हिरंकी) में केदारनाथ धाम का प्रतीकात्मक मंदिर अनुमानित 12 करोड़ रुपए में केदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है और यह सभी दान ट्रस्ट के लोग और मंदिर से जुड़े भक्त दे रहे हैं। मंदिर की तेजी से चल रही तैयारियों के चलते दिल्ली आने वाले रास्तों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित साथ ही रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ और ओंकारेश्वर के आस-पास के निवासी इस निर्माण के खिलाफ ऐतराज जता रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उस दिन पहुंचे जिस दिन प्रदेश के पांच जवान शहीद हुए थे साथ ही केदारनाथ की विधायक का भी निधन हुआ था। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट को केदारनाथ से शिला ले जाने की परमिशन भी दी। उप जिलाधिकारी ऊखीमठ ने इस मामले में बताया कि बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा इसके कानूनी पहलुओं पर गहनता से विचार किया जा रहा है।