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अल्मोड़ा: पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन ने एक नई उपलब्धि दर्ज की है। वह सेमीफाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले पुरुष शटलर बन गए हैं। उनके पिता ने बताया कि उन्हें उम्मीद है उनका बेटा देश के लिए एक मेडल लेकर ही लौटेगा।
पेरिस ओलंपिक में बैडमिंटन से एक शानदार खबर आई है। लक्ष्य सेन ने इतिहास रचते हुए मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में जगह बनाई और ऐसा करने वाले पहले भारतीय शटलर बन गए हैं। उन्होंने चीनी ताइपे के चोउ टिएन चेन को 2-1 से हराया। पहले सेट में हार के बावजूद लक्ष्य ने शानदार वापसी की और लगातार दो सेट जीतकर मैच अपने नाम किया। ओलंपिक्स 2024 में अब बैडमिंटन में भारत की आखिरी पदक की उम्मीद केवल लक्ष्य सेन पर टिकी हुई है। वे पदक जीतने से सिर्फ एक कदम दूर हैं।
पिछले तीन ओलंपिक्स में भारत ने लगातार बैडमिंटन में पदक जीते हैं और अब लक्ष्य सेन इस परंपरा को आगे बढ़ाने के बेहद करीब हैं। 2012 लंदन ओलंपिक्स में साइना नहवाल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसके बाद 2016 रियो ओलंपिक्स में पीवी सिंधु ने सिल्वर और 2020 टोक्यो ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। अब बैडमिंटन में भारत की यह विरासत कायम रखने की जिम्मेदारी लक्ष्य सेन पर है। लक्आष्पय सेन के बेहतरीन बैडमिंटन शॉट्स की हर जगह तारीफ हो रही है, भी देखिये ..