Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
अल्मोड़ा: बैठक में हंसा नेगी की गतिविधियों को पार्टी विरोधी बताया गया। हंसा नेगी पर विधायक की गरिमा और संगठन की अनुशासनहीनता भंग करने का आरोप लगाया गया और सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
विधायक महेश जीना और क्षेत्र पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच का विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह में विधायक जीना ने हंसा नेगी के खिलाफ भतरौंजखान थाने में दो केस दर्ज कराए हैं। इस मुद्दे पर संगठन में भी असहजता महसूस की जा रही है। गुरुवार को रानीखेत के पांचों मंडल अध्यक्षों ने बैठक कर हंसा नेगी पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में चित्रकूट मंडल के कैलाश चंद लखेड़ा, स्याल्दे के कुंदनलाल, मानिला के नरेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, दान सिंह आदि शामिल थे। इस पर जिलाध्यक्ष लीला बिष्ट ने कहा कि उन्हें इस प्रस्ताव की सूचना मिली है और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को ऐसी कार्यवाही का अधिकार है, हालांकि इसे पार्टी हाईकमान को भी अवगत कराया गया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने अपने निष्कासन के दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा, "मैं पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हूं और युवा मोर्चा का जिला महामंत्री रहा हूं। मैंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ा है। जो लोग मेरे निष्कासन का दावा कर रहे हैं, उन्हें इसका अधिकार ही नहीं है। ये लोग केवल कुछ लोगों के दबाव में आकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।"