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श्रीनगर गढ़वाल: 7वें प्लांटिका अकादमिक एवं अनुसंधान पुरस्कार 2024 में वैशाली को उत्कृष्ट शोधकार्य के लिए सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर विभागाध्यक्ष और छात्रों ने खुशी जाहिर की है।
वैशाली हिमालयन एक्वेटिक बायोडायवर्सिटी विभाग के एक्वेटिक इकोलॉजी लेबोरेटरी (जलीय पारिस्थितिकी प्रयोगशाला) की प्रमुख सदस्य हैं, जहां माइक्रोप्लास्टिक पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किए जा रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. जसपाल सिंह चौहान ने बताया कि पिछले 9 वर्षों से गंगा और उसकी सहायक नदियों पर गहन शोध हो रहा है। इन शोध कार्यों के परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं, जिनमें अलकनंदा, भागीरथी, और गंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र में माइक्रोप्लास्टिक्स के प्रभाव का अध्ययन शामिल है। इस शोध ने क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शोध छात्रा वैशाली भट्ट ने बताया कि उन्हें माइक्रोप्लास्टिक पर अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए यह पुरस्कार मिला है। उनका शोध मुख्य रूप से अलकनंदा और भागीरथी नदियों में माइक्रोप्लास्टिक के अध्ययन पर केंद्रित है। गढ़वाल विश्वविद्यालय की कुलपति, अन्नपूर्णा नौटियाल ने वैशाली भट्ट की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की ओर से गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी शोध छात्र अपने कार्यों से देश और समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखते हैं और वैशाली की यह उपलब्धि उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।