Haldwani News: नगर निगम ने 'संपत्ति कर' में की इतने प्रतिशत बढ़ोतरी, 50 हजार लोगों पर पड़ेगा असर

हल्द्वानी के लोगों पर अब नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर में 15 प्रतिशत वृद्धि लागू होना तय है। इस मामले में सभी आपत्तियों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
Property Tax Increase: Property Tax Increase By 15 Percent in Haldwani Municipal Corporation
Image: Property Tax Increase By 15 Percent in Haldwani Municipal Corporation

हल्द्वानी: आपत्तिकर्ताओं की ओर से ऐसा कोई ठोस तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे संपत्ति कर में वृद्धि को रोका जा सके। इस बढ़ोतरी से लगभग 50 हजार परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

Property Tax Increase By 15 Percent in Haldwani Municipal Corporation

नगर निगम हर चार साल में भवन कर में वृद्धि करता है। 18 अगस्त को संपत्ति कर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था और आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि 2 सितंबर को समाप्त हो गई। इस दौरान 14 आपत्तियां प्राप्त हुईं, लेकिन केवल 10 आपत्तिकर्ता ही सुनवाई के लिए पहुंचे। सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने बताया कि किसी भी आपत्तिकर्ता ने संपत्ति कर की बढ़ोतरी को रोकने के लिए ठोस तर्क नहीं दिया। इस वजह से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी निश्चित है। अंतिम निर्णय नगर आयुक्त द्वारा लिया जाएगा। संपत्ति कर की इस बढ़ोतरी से निगम के पुराने क्षेत्र में 26 हजार और नए क्षेत्र में 24 हजार लोग प्रभावित होंगे। इसके अलावा नगर निगम नए क्षेत्र में व्यवसायिक भवनों और खाली प्लॉट्स पर भी संपत्ति कर लगाने की योजना बना रहा है।

भवन कर से निगम को 1.25 करोड़ की वार्षिक आय

संपत्ति कर के संबंध में इस निर्णय से नगर निगम को लाभ होगा। निगम का यह आय का प्रमुख स्रोत है, जिससे हर साल 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की आय होती है। दरें अलग-अलग स्थानों के अनुसार निर्धारित की जाती हैं। नैनीताल रोड से जुड़े भवनों की दरें अधिक होती हैं। इसके अतिरिक्त सड़क की चौड़ाई और भवन की स्थिति के आधार पर भी कर की राशि तय की जाती है। नियम के तहत दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने से पहले सार्वजनिक सुनवाई की जाती है। उसके बाद ही संपत्ति कर वृद्धि पर फैसला लिया जाता है।