Uttarakhand: गढ़वाल के डॉ.संजय दत्त ने पास की UKPSC परीक्षा, 4th रैंक लाकर बने Assistant Professor

सफलता का असली मापदंड यह नहीं है कि आप कितनी बार जीतते हैं, बल्कि यह है कि आप हर असफलता से कितना कुछ सीखकर आगे बढ़ते हैं।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Dr Sanjay Dutt Assistant Professor: Dr Sanjay Dutt Becomes Assistant Professor in Uttarakhand
Image: Dr Sanjay Dutt Becomes Assistant Professor in Uttarakhand

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी असिस्टेंट प्रोफेसर की सूची में डॉ. संजय दत्त ने वरीयता क्रम में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

Dr Sanjay Dutt Becomes Assistant Professor in Uttarakhand

सफलता उन्हीं को मिलती है, जो हर मुश्किल को पार कर अपनी मेहनत से आगे बढ़ते हैं। इसी बात को सच कर दिखाया है टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के डॉ. संजय दत्त ने जिन्हें उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार से रसायन विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित किया गया है। डॉ. संजय मूल रूप से टिहरी के ग्राम रगस्या बूढ़ाकेदार के निवासी हैं और सुप्रसिद्ध समाजसेवी सुरेश भाई के ज्येष्ठ पुत्र हैं। वह पिछले कुछ वर्षों से जीआईसी पौखाल टिहरी में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।

शिक्षा के सफर में सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे डॉ. संजय दत्त

डॉ. संजय की शिक्षा का सफर स्व. बिहारी लाल द्वारा स्थापित सामाजिक संस्था लोक जीवन विकास भारती बूढ़ाकेदार से प्रारंभ हुआ। उन्होंने अपनी हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी से की जबकि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी से किया। वर्ष 2015 में एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय के स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में प्रो. वीणा जोशी के मार्गदर्शन में अपना शोध कार्य शुरू किया और पीएचडी पूरी की। आज उनके चयन को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।