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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: प्रशासन के निर्देश पर लोनिवि ने भटवाड़ी ब्लॉक में एक महीने पहले ही 1 करोड़ 40 लाख की लागत से हैलीपैड का निर्माण किया, लेकिन उसके कार्यगुणवत्ता की परतें अभी से ही उखड़ने लगी है।
भटवाड़ी ब्लॉक में गंगोत्री धाम के साथ ही दयारा बुग्याल, हर्षिल, गिडारा बुग्याल जैसे पर्यटको स्थलों का केंद्र बिन्दु है। इसके साथ ही यह जगह प्राकृतिक आपदा संवेदनशील है। इसलिए भटवाड़ी ब्लॉक के स्थानीय लोग लंबे समय से इस जगह पर हैलीपैड की मांग कर रहे थे। जिसका निर्माण पिछले महीने लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया था। लेकिन वो हैलीपैड अभी से उखड़ने लगा है।
भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा सीमांत विकासखंड भटवाड़ी मुख्यालय में 1 करोड़ 40 लाख की धनराशि से हेलिपैड का निर्माण किया गया था। ये हैलीपैड "लोक निर्माण विभाग" के अंतर्गत बनाया गया था। जिसको बने हुए अब तक लगभग एक महीने का समय हुआ है। इतने कम समय में ही ये हैलीपैड एक तरफ से उखड़ गया है। इसके अलावा हैलीपैड निर्माण के दौरान जो मलबा निकाला गया था विभाग द्वारा अब तक नहीं हटाया गया है।
भटवाड़ी के स्थानीय लोगों का कहना है कि चॉपर के लैंड करने के सर्किल के बाहर बिछाया गया सीमेंट पूरी तरह से उखड़ गया है। साथ ही निर्माण कार्य के समय का से मलबा भी अब तक वहां से नहीं हटाया गया है, जो कि कभी भी बड़ा खतरा बन सकता है। यह हेलिपैड सामरिक सहित चारधाम यात्रा और आपदा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। उसके बावजूद विभाग और प्रशासन के सामने एक माह पूर्व बना हेलिपैड बदहाल हो गया है।