Uttarakhand: उल्लंघन करने पर 1 लाख जुर्माना और 3 साल की सजा, जान लीजिये UCC के जरूरी नियम

उत्तराखंड में लागू होने वाली समान नागरिक संहिता के नियमों का ड्राफ्ट बीते शुक्रवार को तैयार हो गया है। अब इस ड्राफ्ट पर मंत्रिमंडल की चर्चा के बाद अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
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UCC in Uttarakhand: Fine of Rs 1 lakh and 3 years Imprisonment for UCC Violation
Image: Fine of Rs 1 lakh and 3 years Imprisonment for UCC Violation

देहरादून: प्रदेश में यूसीसी लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति गलत या झूठी सूचना प्रदान करता है तो उसे दंडित किया जाएगा। यह दंड 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक और छह महीने से साढ़े तीन वर्ष तक की कारावास की सजा हो सकती है।

Fine of Rs 1 lakh and 3 years Imprisonment for UCC Violation

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद विवाह के पंजीकरण, लिव इन रिलेशनशिप और तलाक से संबंधित जानकारी में गलत या झूठी सूचना देने पर दंड का प्रावधान होगा। ऐसे मामलों में तीन से छह महीने की जेल, 25 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके अलावा तलाक के दौरान दुष्कर्म और अप्राकृतिक यौन हिंसा के मामलों को भी दंड की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें दंड 50 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना और छह महीने से साढ़े तीन वर्ष तक की कारावास की सजा हो सकती है। UCC के लिए प्रस्तावित नियमावली में उल्लंघनों के मामलों को अपराध घोषित करने की प्रक्रिया तय की गई है। विशेषज्ञ समिति ने चार खंडों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जिसे पिछले जुलाई में ऑनलाइन जनता के लिए उपलब्ध कराया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर UCC कानून तैयार किया गया है। इसके क्रियान्वयन के लिए नियमावली का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, जिसे अब मंत्रिमंडल की चर्चा के बाद स्वीकृति मिलेगी।

UCC में जुर्माना और दंड की स्पष्ट जानकारी

1. समान नागरिक संहिता में विवाह, विवाह विच्छेद, लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और उत्तराधिकार संबंधी नियमों में गलत सूचना देने पर दंड की प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं।
2. विवाह पंजीकरण में सूचना नहीं देने पर सब रजिस्ट्रार 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगा सकते हैं।
3. गलत या झूठी सूचना देने पर तीन महीने का कारावास या 25 हजार रुपये जुर्माना, या दोनों सजा का प्रावधान है।
4. पंजीकरण में लापरवाही बरतने पर सब रजिस्ट्रार को 25 हजार रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
5. लिव-इन रिलेशनशिप में पंजीकरण न कराने पर तीन महीने का कारावास या 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा।
6. गलत सूचना देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और नोटिस मिलने के बाद कन्नी काटने पर 6 महीने का कारावास हो सकता है।
7. एक से अधिक पत्नी रखना अपराध की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए तीन वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना होगा। जुर्माना नहीं देने पर कारावास की अवधि छह महीने तक बढ़ाई जा सकती है।