गढ़वाल: नाबालिग का ब्याह कराने पर तुले थे परिजन, प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर दी कड़ी चेतावनी

जांच टीम ने लड़की के परिवार को सख्त चेतावनी दी कि यदि वो 18 वर्ष से पहले लड़की का विवाह करवाएँगे, तो उन्हें दो साल की कठोर सजा और जुर्माना भुगतना पड़ेगा।
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Child marriage in Uttarakhand: Administration stopped the marriage of a minor girl
Image: Administration stopped the marriage of a minor girl

रुद्रप्रयाग: जखोली ब्लॉक के एक दूरदराज के गांव में 16 साल की एक नाबालिग लड़की की शादी होने की खबर आई. प्रशासन को जब इस मामले की जानकारी मिली, इसके बाद जिला प्रशासन की टीम तुरंत उनके घर पहुंची और नाबालिग बच्ची की शादी को रोक दिया।

Administration stopped the marriage of a minor girl

जानकारी अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के एक दूरस्थ गांव में 16 वर्षीय लड़की की शादी की तैयारी चल रही थी। तभी किसी ने इस मामले की जानकारी प्रशासन को दे दी। इसके बाद वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रंजना गैरोला भट्ट, मिशन शक्ति की जिला समन्वयक दीपिका कांडपाल, चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर सुरेंद्र सिंह और केस वर्कर अखिलेश सिंह लड़की के घर पहुंचे।

परिवार को सख्त चेतावनी

जांच टीम ने लड़की के परिवार को सख्त चेतावनी दी कि यदि वो 18 वर्ष से पहले लड़की का विवाह करवाएँगे, तो उन्हें दो साल की कठोर सजा और जुर्माना भुगतना पड़ेगा। साथ ही, मौके पर मौजूद पटवारी और ग्राम प्रधान को भी निर्देश दिए गए कि भविष्य में ऐसे मामलों की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098 पर दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बच्चियों के जीवन के साथ बड़ा खिलवाड़

स्थानीय निवासियों का यह भी मानना है कि इस तरह से नाबालिग लड़की की शादी कराना कानूनी रूप से अपराध है। प्रशासन की इस तत्परता ने एक गंभीर गलती को टाल दिया है। नाबालिग लड़कियों की शादी करवाना निर्दोष बच्चियों के जीवन के साथ बड़ा खिलवाड़ है। वर्तमान समय में इस प्रकार की मानसिकता समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। इसलिए, समय रहते जिला प्रशासन को गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।