एकल महिला स्वरोजगार योजना एकल महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में कम से कम दो हजार महिलाओं को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य निर्धारित है।
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Image: Cabinet approves single women self-employment scheme
देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में "मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना" को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह योजना राज्य की एकल महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
Cabinet approves single women self-employment scheme
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए वैसे तो कई योजनाएं हैं, लेकिन राज्य की एकल महिलाओं डके लिए अब तक केंद्रित सहायता योजना लागू नहीं की गई थी। एकल महिला स्वरोजगार योजना एकल महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पहले वर्ष में कम से कम दो हजार महिलाओं को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य निर्धारित है। उसके बाद योजना में लाभार्थियों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।
30 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान
इस योजना के अंतर्गत एकल महिलाएं स्वरोजगार शुरु करने के लिए दो लाख रुपये तक का लोन ले सकती हैं। ऋण की राशि का 75 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया है। सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में महिला उत्थान से जुड़ी पांच घोषणाओं के लिए 18.81 करोड़ धनराशि के आवंटन को स्वीकृति प्रदान की गई।
इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना उन एकल महिलाओं के लिए शुरू की गई है, जो "अविवाहित (जो परिवार पर निर्भर नहीं हैं), विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित, अपराध और एसिड हमले की शिकार, किन्नर, विकलांग और अवयस्क बच्चे या अविवाहित पुत्री वाली महिला" हैं। इस योजना का सरकारी आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।