उत्तरकाशी: सड़क से उफनती नदी में जा गिरा वाहन, चालक ने छत पर चढ़ कर बचाई जान

उफान भरी नदी में गिरते ही गाड़ी का ड्राइवर ने होशियारी दिखाई और उसकी छत पर बैठ गया। इसके बाद रस्सी की मदद से वाहन ड्राइवर का सकुशल रेस्क्यू कर दिया गया है।
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Vehicle Fell Into River: Vehicle fell from road into overflowing river
Image: Vehicle fell from road into overflowing river

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। निरंतर हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जल स्तर काफी ऊँचा हो गया है। वहीं, नालों और गदेरों ने भी उग्र रूप धारण कर लिया है। भारी वर्षा के कारण जनपद उत्तरकाशी भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

Vehicle fell from road into overflowing river

जानकारी के अनुसार, आज रविवार देर शाम 29 जून को उत्तरकाशी जनपद के मोरी विकासखंड के लिवाड़ी फीताड़ी सड़क पर एक हादसा हुआ है। दरअसल यहां लिवाड़ी फीताड़ी सड़क से एक वाहन के रूपिन नदी में गिर गया। इस दौरान वाहन में केवल उसका ड्राइवर ही सवार था। उफान भरी नदी में गिरते ही गाड़ी का ड्राइवर ने होशियारी दिखाई और उसकी छत पर बैठ गया। इसके बाद सड़क किनारे खड़े स्थानीय लोगों ने रस्सी फेंककर नदी के बीच फंसे वाहन ड्राइवर का सकुशल रेस्क्यू कर दिया है।

रस्सी की मदद से किया चालक को रेस्क्यू

उत्तरकाशी जनपद के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जानकारी दी कि इस घटना की सूचना मिलते ही SDRF के साथ-साथ पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने रस्सी की मदद से चालक का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। गनीमत है कि चालक सुरक्षित है, साथ ही वाहन को रस्सी से बांधकर नदी में बहने से रोका गया है। नदी का जलस्तर होते ही वाहन को नदी के बीच से बाहर निकाला जाएगा।

बादल फटने से 2 की मौत

उत्तराखंड मौसम विभाग ने 29 और 30 जून को भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने बारिश के अलर्ट के मद्देनजर चारधाम यात्रा को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया है। बीते शनिवार की रात यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच सिलाई बैंड के पास बादल फटने से तबाही मच गई। इस हादसे में 2 लोगों की जान गई है और 7 लोग अब भी लापता हैं। यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर मार्ग अवरुद्ध होने के कारण श्रद्धालुओं को रोका गया है। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।