सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड या अन्य दस्तावेज बनाए हैं, साथ ही ऐसे कार्ड बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Ration card verification campaign in Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत जारी राशन कार्डों का सत्यापन प्रदेशभर में किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग ज़िले में भी यह अभियान तेज़ी और पारदर्शिता के साथ चल रहा है। डीएम जैन ने स्पष्ट किया कि केवल पात्र लोगों को ही राशन कार्ड दिए जाएं। अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Ration card verification campaign in Rudraprayag
उत्तराखंड में राशन कार्ड सत्यापन का कार्य गांवों और शहरी क्षेत्रों में गठित विशेष टीमों द्वारा किया जा रहा है। ये टीमें घर-घर जाकर कार्डधारकों की जानकारी जुटा रही हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSS) के अंतर्गत वहीं पात्र हैं जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है। राज्य खाद्य योजना में पात्रता की वार्षिक आय सीमा ₹5 लाख तय की गई है। सीएम धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, आयुष्मान कार्ड या अन्य दस्तावेज बनाए हैं, साथ ही ऐसे कार्ड बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
कई अपात्र लोग भी ले रहे कार्डों का लाभ
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बीते 21 अगस्त को रुद्रप्रयाग जिले के डीएम प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सत्यापन कार्य की प्रगति पर चर्चा हुई। इस बैठक में डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डोर-टू-डोर सत्यापन की रफ्तार और बढ़ाई जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों की जल्द पहचान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पूरे अभियान की निगरानी के निर्देश दिए और खंड विकास अधिकारियों को सत्यापन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम जैन ने स्पष्ट किया कि केवल पात्र लोगों को ही राशन कार्ड दिए जाएं। सत्यापन के दौरान सफेद और गुलाबी राशन कार्ड धारकों के मामले में भी बड़े खुलासे हुए हैं। कई लोग अपात्र होते हुए भी इन कार्डों का लाभ ले रहे थे। अब विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
1,840 कार्डधारकों को किया गया सूची से बाहर
रुद्रप्रयाग जिले के जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली ने बताया कि यदि कोई परिवार अब योजनाओं की पात्रता सीमा में नहीं आता है, तो उन्हें स्वेच्छा से राशन कार्ड सरेंडर कर देना चाहिए। अपात्र पाए जाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, अपात्र कार्डधारकों को पहले से वितरित राशन की वसूली बाज़ार दर पर की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीते 8 अगस्त से 20 अगस्त तक कुल 15,495 राशन कार्डों की जांच की गई, जिनमें से 1,840 कार्डधारकों को अपात्र पाते हुए सूची से बाहर कर दिया गया। के.एस. कोहली ने बताया कि यह सत्यापन अभियान पूरी तरह जनहित में है। इसका उद्देश्य है कि सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं का वास्तविक लाभ केवल ज़रूरतमंदों तक पहुंचे और अपात्रों की पहचान कर योजनाओं को पारदर्शी बनाया जा सके।