मंदिर ट्रस्ट की 2009 से जो सालाना आमदनी होती थी, उस धनराशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं में नहीं किया गया। उस समय मंदिर मार्ग और परिसर में केवल कुछ दुकानों का ही निर्माण कराया गया, और न ही उस धनराशी का कोई रिकॉर्ड है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Haridwar Chandi Devi Temple Scam Busted
हरिद्वार: मां चंडी देवी मंदिर में BKTC के रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद मात्र 1 माह 18 दिन के भीतर ट्रस्ट के खाते में 34 लाख रुपये जमा हुए। अब सवाल उठ रहे हैं कि 2009 से मंदिर में ट्रस्ट बनने के बावजूद इतनी बड़ी राशि किस खाते में गई और कहां खर्च हुई।
Haridwar Chandi Devi Temple Scam Busted
हरिद्वार जिले में स्थित प्रसिद्ध मां चंडी देवी मंदिर से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मंदिर के प्रबंधन का कार्यभार बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) द्वारा रिसीवर नियुक्त किए जाने के बाद करीब एक माह 18 दिन का समय बीत चुका है। इस दौरान ट्रस्ट के खाते में कुल 34 लाख रुपये जमा हुए हैं। BKTC की इस उपलब्धी के बाद अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि जब यह ट्रस्ट साल 2009 में ही अस्तित्व में आ चुका था, तब उससे पहले हुई इतनी बड़ी आय आखिरकार किस खाते में जमा की गई और वह राशि कहां खर्च हुई। इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं है।
अब संवरेंगी मंदिर की सुविधाएं
ट्रस्ट पर प्रशासनिक हस्तक्षेप होने के बाद से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास शुरू किए गए हैं। मंदिर परिसर में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज समस्या के समाधान के लिए विद्युत आपूर्ति में सुधार किया जा रहा है। परिसर में नए बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। साथ ही, बीकेटीसी की अनुमति से चार महिला और चार पुरुष शौचालय बनाए जाने की योजना भी तय कर ली गई है।
पुराने फंड की होगी कानूनी जांच
वहीं जब मंदिर ट्रस्ट की 2009 से जो सालाना आमदनी होती थी, उस धनराशि का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं में नहीं किया गया। उस समय मंदिर मार्ग और परिसर में केवल कुछ दुकानों का ही निर्माण कराया गया। इन दुकानों को भी अनौपचारिक तरीके से आवंटित किया गया। इनमें से कई दुकानें ऐसी भी हैं जो अवैध निर्माण और अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं। अब इस मामले की कानूनी जांच की जाएगी।