उत्तराखंड: शादी से लौटते वक्त खाई में गिरी कार, 5 लोग हुए सड़क हादसे का शिकार

मसूरी में पानी वाले बैंड के पास कार अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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Mussoorie road accident: 5 people injured in Mussoorie road accident
Image: 5 people injured in Mussoorie road accident

देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला मसूरी से सामने आया है, यहां एक भीषण सड़क हादसे में कार सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

5 people injured in Mussoorie road accident

जानकारी के अनुसार बीते गुरूवार को देर रात कुछ लोग मसूरी से शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपनी कार से दिल्ली लौट रहे थे। उसी दौरान उनकी कार पानी वाले बैंड के पास अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और तत्काल दून अस्पताल, देहरादून भेजा गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस हादसे के दौरान कार में पांच लोग सवार थे, पांचों ही गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घायलों की पहचान

इस भीषण हादसे में घायल लोगों की पहचान फरीद अकरम (42) निवासी तुगलकाबाद दिल्ली, रतन गौड़ (48) निवासी टिहरी गढ़वाल, ओमप्रकाश जनार्दन (42) निवासी टिहरी गढ़वाल, मुकेश गौड़ (31) निवासी टिहरी गढ़वाल और देशराज (29) निवासी तुगलकाबाद दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि कार अनियंत्रित होकर खाई में गिरी, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। सभी घायलों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

उत्तराखंड के साथ पूरे देश में सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट बताती है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा 15 से 29 वर्ष के युवा अपनी जान गंवाते हैं। भारत में हर रोज 16 बच्चे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। देश में सड़क हादसों के करीब 25 प्रतिशत मामलों में लोगों की मौत हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में ट्रांसपोर्ट प्लानिंग और सड़क डिज़ाइनिंग पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है। सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी हादसों का बड़ा कारण बन रही है।