Uttarakhand: CBI जांच की मांग के बीच सरकार का बड़ा फैसला, अंकिता भंडारी नाम से जाना जाएगा ये नर्सिंग कॉलेज

राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी अब अंकिता भंडारी नर्सिंग कॉलेज के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
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Ankita Bhandari Nursing College: Government Nursing College Dobh named after Ankita Bhandari
Image: Government Nursing College Dobh named after Ankita Bhandari

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। पूरे प्रदेश में इस मामले को लेकर सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। इसी बीच राज्य सरकार ने एक अहम और प्रतीकात्मक फैसला लेते हुए पौड़ी जिले के राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम बदलकर स्वर्गीय अंकिता भंडारी राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट), पौड़ी कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।

Government Nursing College Dobh named after Ankita Bhandari

गौरतलब है कि भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा अंकिता भंडारी से जुड़े ऑडियो-वीडियो सार्वजनिक किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और मामले की सीबीआई जांच के साथ-साथ कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए 6 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस वार्ता की थी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा था कि अंकिता भंडारी के माता-पिता जिस भी तरह की जांच चाहते हैं, उसके कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार निर्णय लेगी।

अंकिता भंडारी के नाम से जाना जाएगा नर्सिंग कॉलेज

इसके बाद बीते 7 जनवरी को मुख्यमंत्री ने स्वयं अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनकी भावनाओं और मांगों को गंभीरता से सुना। इस मुलाकात के दौरान सीएम धामी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार की मांगों के अनुरूप राज्य सरकार विधिसम्मत कार्रवाई करेगी। हालांकि अब तक सीबीआई जांच की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उससे पहले सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पौड़ी जिले के नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की ओर से गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया गया।

पहले ही हो चुकी थी कॉलेज का नाम बदलने की घोषणा

दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पहले 16 सितंबर 2023 को ही इस नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी, जिसे अब आधिकारिक रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि पीड़िता के माता-पिता की मांगों पर निष्पक्ष, त्वरित और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी और अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं आज यानि गुरूवार 8 जनवरी 2026 को मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम धामी ने संकेत दिए कि अंकिता के माता-पिता की मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है और सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

गौरतलब हो कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के श्रीकोट डोभ गांव की निवासी थीं। महज 19 वर्ष की अंकिता यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत थीं। 18 सितंबर 2022 को वह अचानक लापता हो गई थीं। शुरुआत में मामला राजस्व पुलिस के पास रहा, बाद में इसे नियमित पुलिस को सौंप दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, उसके दोस्त अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर शक हुआ। सख्त पूछताछ में तीनों ने अंकिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि 18 सितंबर की रात उन्होंने अंकिता को चीला बैराज की नहर में धक्का दे दिया था। करीब छह दिन बाद, 24 सितंबर 2022 को नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में भारी आक्रोश फैल गया और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।