मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना से एकल महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं नंदा गौरा योजना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति सहायता और वृद्ध महिलाओं के लिए प्रस्तावित नई योजना सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Chief Minister Single Women Self-Employment Scheme
देहरादून: उत्तराखंड सरकार नए साल में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को पहली बार लागू किया जा रहा है, जिसके तहत अगले महीने से पात्र एकल महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत अब तक 504 योग्य महिलाओं की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है।
Single women in Uttarakhand to benefit from self-employment scheme
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में आयोजित विभागीय बैठक के दौरान कहा कि यह योजना एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उन्हें स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी। सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 2 लाख रुपये की परियोजना पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे महिलाएं अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकेंगी और आर्थिक मजबूती हासिल कर पाएंगी। विभाग के अनुसार, 331 अन्य पात्र महिलाओं की सूची भी जल्द ही अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है।
वृद्ध महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजना
उत्तराखंड सरकार अब वृद्ध महिलाओं के लिए एक नई कल्याणकारी योजना लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना का उद्देश्य वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है। मंत्री के अनुसार, योजना को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए अधिकारी गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे करेंगे। जरूरतमंद महिलाओं से मिले सुझावों के आधार पर ही योजना का अंतिम स्वरूप तय किया जाएगा।