पंतजलि गुरुकुलम, देवप्रयाग ने राज्य स्तरीय शास्त्र प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक पदक जीते। गुरुकुल के छात्रों ने 18 प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 11 प्रथम स्थान हासिल किए और अब राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Devprayag Patanjali Gurukulam won 17 medals in scripture competition
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के देवप्रयाग स्थित पंतजलि गुरुकुलम, मूल्य ग्राम ने राज्य स्तरीय संस्कृत शास्त्र प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ दिया है। यह प्रतियोगिता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा देवप्रयाग परिसर में आयोजित की गई थी।
Devprayag Patanjali Gurukulam won 17 medals in scripture competition
इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय संस्कृत शास्त्र प्रतियोगिता में पंतजलि गुरुकुलम के विद्यार्थियों ने कुल 18 विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिनमें से 11 प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान, 4 में द्वितीय स्थान और 2 प्रतियोगिताओं में तृतीय स्थान प्राप्त कर गुरुकुल ने सर्वाधिक पदक जीतने का गौरव हासिल किया। यह उपलब्धि गुरुकुल की शास्त्रीय शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों की कठिन मेहनत को दर्शाती है।
आचार्य बालकृष्ण ने दी बधाई
पंतजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्कृत और शास्त्रों की शिक्षा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और इस दिशा में गुरुकुल का योगदान सराहनीय है।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे छात्र
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अब तमिलनाडु के कांचीपुरम में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय संस्कृत शास्त्र प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर पंतजलि गुरुकुलम देवप्रयाग की प्राचार्या साध्वी देवश्रुति सहित संस्थान के सभी आचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर पंतजलि गुरुकुलम देवप्रयाग की प्राचार्या साध्वी देवश्रुति सहित संस्थान के सभी आचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।