डोईवाला-हर्रावाला के बीच नकरौंदा फाटक पर गेटमैन की लापरवाही से बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। लोको पायलट की सतर्कता से समय रहते ट्रेन रोक दी गई, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बच गई।
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: Major Train Accident Averted as Alert Loco Pilot Saves Hundreds
देहरादून: डोईवाला और हर्रावाला के बीच नकरौंदा रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। लोको पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय से सैकड़ों लोगों की जान बच गई। यदि समय पर ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो भारी जनहानि हो सकती थी।
Major Train Accident Averted as Alert Loco Pilot Saves Hundreds
यह घटना मंगलवार सुबह करीब 8:45 बजे की है। दिल्ली से देहरादून आ रही मसूरी एक्सप्रेस डोईवाला में दो मिनट रुकने के बाद आगे बढ़ी थी। ट्रेन को डोईवाला और हर्रावाला के बीच नकरौंदा फाटक पार करना था। लोको पायलट को फाटक बंद होने का मैन्युअल ग्रीन सिग्नल मिल चुका था, जिसके बाद ट्रेन आगे बढ़ रही थी। ट्रेन के नजदीक आते ही गेटमैन ने अचानक फाटक खोल दिया। इसके बाद दोनों ओर खड़े 100 से अधिक वाहन ट्रैक पार करने लगे। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति बेहद खतरनाक हो गई।
लोको पायलट की सूझबूझ से बची सैकड़ों जान
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन को फाटक से कुछ दूरी पर रोक दिया। अगर लोको पायलट समय रहते ट्रेन न रोकते, तो कई वाहन और लोग इसकी चपेट में आ सकते थे। उनकी सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और सैकड़ों लोगों की जान बच गई। घटना के बाद Indian Railways ने लापरवाही बरतने पर गेटमैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
फाटक पर नहीं है ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम
सूत्रों के अनुसार, इस फाटक पर ऑटोमैटिक सिग्नल सिस्टम नहीं है और पूरी व्यवस्था मैन्युअल है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। यह घटना स्कूल खुलने के समय हुई, जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी फाटक के पास मौजूद थे। ऐसे में अगर हादसा होता, तो बच्चों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। इस घटना के बाद पूरे मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा गया।
स्थानीय लोगों पर भी लगे आरोप
इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों ने जल्दी निकलने के लिए हंगामा किया और गेटमैन पर फाटक खोलने का दबाव बनाया। कर्मचारियों का कहना है कि फाटक लंबे समय तक बंद रहने से लोगों को रोजाना परेशानी होती है, जिसके चलते वे दबाव बनाते हैं।
मामले की गंभीरता से जांच
मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने कहा “इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।” मुरादाबाद मंडल स्तर पर भी इस घटना को गंभीर माना जा रहा है।
नकरौंदा फाटक की यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को उजागर करती है। मैन्युअल सिस्टम, भीड़ का दबाव और मानवीय गलती मिलकर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इस मामले में लोको पायलट की सतर्कता ने साबित कर दिया कि समय पर लिया गया एक फैसला सैकड़ों जिंदगियां बचा सकता है।