उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की सहायक सड़कों को भी ऑल वेदर रोड परियोजना में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर यह मांग की है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Plans All-Weather Roads for Char Dham Trips
देहरादून: उत्तराखंड सरकार अब चारधाम यात्रा की तरह सहायक सड़कों को भी ऑल वेदर रोड परियोजना की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी में है। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार का मानना है कि इन सड़कों के मजबूत होने से न केवल चारधाम यात्रा सुगम होगी, बल्कि आपदा के समय जान बचाने में भी ये मार्ग अहम भूमिका निभाएंगे।
Uttarakhand Plans All-Weather Roads for Char Dham Trips
उत्तराखंड सरकार ने यह पहल लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से की है। राज्य का उद्देश्य चारधाम यात्रा मार्गों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही और सुरक्षा को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए सहायक सड़कों को भी ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट में शामिल करने की मांग की गई है।
केंद्रीय मंत्री को भेजा गया पत्र
उत्तराखंड के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने बताया कि चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना के तहत बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों का डबल लेन निर्माण पहले ही किया जा चुका है।
सहायक सड़कों की अहमियत भी कम नहीं
सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाली सहायक सड़कों का महत्व भी किसी तरह कम नहीं है। ये सड़कें न केवल वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम आती हैं, बल्कि आपात स्थितियों में जीवन रेखा साबित होती हैं।
सहायक सड़कों ने बचाई थीं सैकड़ों जानें
मंत्री ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि 2013 की भीषण आपदा के दौरान जब मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे, तब सहायक सड़कों के जरिए सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। ऐसे में इन सड़कों का ऑल वेदर रोड के रूप में विकसित होना भविष्य की आपदाओं से निपटने में मददगार होगा।
प्रमुख सहायक सड़कें
प्रस्ताव में जिन प्रमुख सहायक सड़कों को शामिल करने की मांग की गई है, उनमें शामिल हैं :-
उत्तरकाशी – लंबगांव – चमियाला – घनसाली – मयाली – गुप्तकाशी
कमांद – डोबराचांठी – कोटीकालोनी – पौखाल – मलेथा
कुंड – चोपता – गोपेश्वर – चमोली
कोटद्वार – सतपुली – पौड़ी – श्रीनगर
चौड़ीकरण और सुधार कार्य पहले से जारी
सतपाल महाराज ने बताया कि राज्य सरकार कुछ सहायक सड़कों के चौड़ीकरण और सुधार कार्य पहले ही शुरू कर चुकी है। इन सड़कों के डबल लेन बनने से चारधाम यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लंबी दूरी की यात्रा में अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया बल
राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को और सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनाएगी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इन सड़कों पर विकास कार्य तेज़ी से शुरू किए जाएंगे, जिससे चारधाम यात्रा व्यवस्था और मजबूत होगी।