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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक अनोखी और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। भटवाड़ी ब्लॉक के नाल्ड गांव में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान एक युवक और युवती ने शिव-पार्वती स्वरूप में विधि-विधान के साथ विवाह संस्कार पूरे किए। कथा के पांचवें दिन शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के दौरान यह विशेष आयोजन किया गया, जिसने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह और सामाजिक एकता का अनोखा उदाहरण पेश किया।
नाल्ड गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के बीच योगेंद्र पंवार और शिवानी ने शिव-पार्वती के रूप में विवाह रचाया। गांव के पूर्व प्रधान सुनील राणा के अनुसार, कथा में शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के दिन इसे वास्तविक रूप देने का विचार सामने आया। कथावाचक डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने व्यासपीठ से सुझाव दिया कि यदि किसी जोड़े का विवाह इसी स्वरूप में कराया जाए तो यह अत्यंत पुण्य और प्रेरणादायक कार्य होगा। इसके बाद गांव में ऐसे जोड़े की तलाश शुरू हुई जिनका रिश्ता तय हो चुका हो।