हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में जयमाला के दौरान दुल्हन ने बेरोजगारी का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर दूल्हा और उसके पिता को बंधक बनाया गया। पुलिस की मध्यस्थता के बाद हर्जाना देकर बारात बिना दुल्हन लौटी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Baraat Returns Empty Handed After Last Minute Wedding Dispute
हरिद्वार: उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में जयमाला के दौरान दूल्हा-दुल्हन के बीच विवाद हो गया। दुल्हन ने बेरोजगारी का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया। गुस्साए दुल्हन पक्ष ने दूल्हा और उसके पिता को बंधक बना लिया। पुलिस हस्तक्षेप और आपसी समझौते के बाद दूल्हा पक्ष हर्जाना देकर बिना दुल्हन के लौट गया।
Baraat Returns Empty Handed After Last Minute Wedding Dispute
जानकारी के अनुसार, खानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में रुड़की से बारात पहुंची थी। जयमाला की रस्म शुरू होने ही वाली थी कि दूल्हा और दुल्हन के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि दुल्हन ने खुले शब्दों में शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन पक्ष का कहना था कि दूल्हे की बेरोजगारी की जानकारी उनसे छुपाई गई थी और वह बेरोजगार व्यक्ति के साथ जीवन नहीं बिताना चाहती। दुल्हन के इस फैसले के बाद माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
दूल्हा और पिता को बनाया बंधक
आरोप है कि गुस्साए दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे, उसके पिता और एक अन्य बाराती को बंधक बना लिया। शादी का मंडप कुछ ही देर में हंगामे का केंद्र बन गया। सूचना मिलते ही खानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया।
पुलिस की मध्यस्थता से सुलझा मामला
थाना अध्यक्ष डी एस कोहली के अनुसार, वरमाला के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दुल्हन पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया और सख्त हिदायत दी। बाद में ग्राम प्रधान की सूचना पर पता चला कि दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया है।
हर्जाना की मोटी रकम देकर लौटी बारात
बताया जा रहा है कि विवाद निपटाने और इज्जत बचाने के लिए दूल्हा पक्ष को हर्जाने के तौर पर मोटी रकम चुकानी पड़ी। इसके बाद बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटने की अनुमति दी गई। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
यह मामला सिर्फ एक टूटी शादी का नहीं, बल्कि पारदर्शिता, रोजगार और वैवाहिक रिश्तों में भरोसे जैसे मुद्दों पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय में दोनों पक्षों को पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए, ताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।