Uttarakhand News: जनगणना के पहले चरण में परिवारों की गिनती रसोई के आधार पर की जाएगी। एक ही रसोई से भोजन करने वाले लोगों को एक परिवार माना जाएगा, जबकि अलग-अलग रसोई होने पर अलग परिवार गिने जाएंगे।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kitchen Rule Introduced for Family Count in Census
देहरादून: देशभर में चल रही मकान सूचीकरण और मकान गणना के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि आखिर एक घर में कितने परिवार माने जाएंगे। अब जनगणना निदेशालय ने इसको लेकर स्पष्ट नियम जारी कर दिए हैं।
Kitchen Rule Introduced for Family Count in Census
निदेशक जनगणना Iva Ashish Srivastava ने बताया कि किसी मकान में रहने वाले परिवार की गिनती का आधार उसकी रसोई होगी। यानी, जो लोग एक ही रसोई से भोजन करते हैं, उन्हें एक परिवार माना जाएगा। अगर दादा-दादी, माता-पिता और बच्चे एक साथ रहते हैं और एक ही रसोई से खाना बनता है, तो उन्हें संयुक्त परिवार के रूप में एक परिवार माना जाएगा। वहीं अगर एक ही घर में अलग-अलग रसोई हैं, तो हर रसोई के हिसाब से अलग परिवार गिने जाएंगे। आगे पढ़िए..
जनगणना निदेशालय के अनुसार, अगर दो दोस्त एक साथ रहकर एक ही रसोई से भोजन करते हैं, तो उन्हें भी एक परिवार माना जाएगा। इसी तरह यदि कोई नौकरानी अपने मालिक के परिवार के साथ एक ही रसोई से खाना खाती है, तो वह भी उसी परिवार का हिस्सा मानी जाएगी। कई घरों में माता-पिता और बेटों की अलग-अलग रसोई होती हैं। ऐसे मामलों में हर अलग रसोई को एक अलग परिवार माना जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर एक घर में तीन अलग-अलग रसोई हैं, तो वहां तीन परिवार गिने जाएंगे।
24 मई तक चलेगा पहला चरण
जनगणना निदेशालय की ओर से प्रदेशभर में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य जारी है, जो 24 मई तक चलेगा। इस संबंध में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
जनगणना में परिवार की गिनती को लेकर जारी नए नियमों ने लोगों के कई सवालों के जवाब दे दिए हैं। अब परिवार की पहचान रिश्तों से ज्यादा रसोई के आधार पर तय की जाएगी, जिससे गणना प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।