NEET UG Exam: उत्तराखंड में फिर से पेपर लीक, छात्रों का आक्रोश चरम पर; बड़े आंदोलन की तैयारी

पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। इस फैसले से देशभर के छात्रों में नाराजगी है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।
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NEET UG 2026 cancelled: NEET UG Exam Cancelled After Paper Leak Allegations
Image: NEET UG Exam Cancelled After Paper Leak Allegations

देहरादून: National Testing Agency ने बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा रद्द कर दी है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद एजेंसी ने परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा की है। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया।

NEET UG 2026 Cancelled After Paper Leak Allegations

NEET UG पेपर लीक के आरोपों के बाद देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों से उनके भविष्य और मेहनत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उत्तराखंड में भी युवाओं में आक्रोश

Uttarakhand में भी NEET परीक्षा रद्द होने को लेकर युवाओं में नाराजगी है। नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने कहा कि NEET UG परीक्षा रद्द होना युवाओं के सपनों के साथ मजाक है। यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड सहित पूरे देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि हर बार बड़ी घोषणाएं और जांच की बातें होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम दिखाई नहीं देता। बताया जा रहा है कि देशभर के करीब 23 लाख छात्र अब दोबारा परीक्षा देने को मजबूर होंगे। इसके लिए उन्हें देश के 552 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों तक फिर से यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा। आगे पढ़िए..

पेट्रोल-डीजल खर्च और आर्थिक असर

विपक्ष ने यह भी मुद्दा उठाया कि दोबारा परीक्षा होने से लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की अतिरिक्त खपत होगी और छात्रों व अभिभावकों पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके साथ ही छात्रों पर मानसिक दबाव और परीक्षा तनाव भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार से आत्ममंथन की मांग

यशपाल आर्य ने सरकार से आत्मनिरीक्षण करने की मांग करते हुए कहा कि अब केवल औपचारिक जांच और आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश के युवाओं के साथ वास्तव में न्याय हो रहा है और क्या उनकी मेहनत और भविष्य को पर्याप्त सुरक्षा मिल रही है।