उत्तराखंड में जंगल की आग ने बढ़ाया खतरा, सड़क किनारे खड़ी कार जलकर राख

चमोली जिले के गोपेश्वर में जंगल की आग रिहायशी इलाके तक पहुंच गई। आग की चपेट में आकर सड़क किनारे खड़ा एक वाहन जलकर राख हो गया। लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं से लोगों में दहशत है।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Chamoli Forest Fire News: Forest Fire Reaches Residential Area in Chamoli Vehicle Burnt
Image: Forest Fire Reaches Residential Area in Chamoli Vehicle Burnt

चमोली: Gopeshwar में जंगलों की आग अब रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी है। ताजा मामला नर्सिंग कॉलेज के पास का है, जहां जंगल में लगी आग अचानक सड़क किनारे तक फैल गई। तेज हवाओं और भीषण गर्मी के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।

Forest Fire Reaches Residential Area in Chamoli, Vehicle Burnt

घटना के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक वाहन आग की चपेट में आ गया और पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग भयभीत हो उठे। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि दमकल कर्मियों के पहुंचने तक वाहन पूरी तरह आग में जल चुका था। बाद में टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया।पिछले कई दिनों से Chamoli जिले में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिला मुख्यालय से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक वनाग्नि से भारी नुकसान हो रहा है। वन विभाग और प्रशासन के सामने आग पर काबू पाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। आगे पढ़िए..

हाल ही में गैरसैंण विकासखंड के आदिबदरी तहसील स्थित Boonga Village में 51 वर्षीय सुरेशी देवी जंगल की आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थीं। बताया गया कि वह अपनी गौशाला की ओर जा रही थीं, तभी जंगल की आग वहां तक पहुंच गई। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनकी मौत हो गई। हालांकि आज गुरुवार को शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण जंगलों में धधक रही आग धीरे-धीरे शांत होने लगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से भी कुछ राहत मिली है।

स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जंगलों की आग पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से वनाग्नि रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।