रुद्रप्रयाग: रेलवे निर्माण कार्य के बैचिंग प्लांट में लगी भीषण आग, आधे घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

रुद्रप्रयाग जिले के घोलतीर-नगरासू के पास रेलवे निर्माण कार्य में लगे बैचिंग प्लांट में गैस वेल्डिंग के दौरान आग लग गई। कर्मचारियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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Railway Construction Fire: Fire Breaks Out at Railway Batching Plant in Rudraprayag
Image: Fire Breaks Out at Railway Batching Plant in Rudraprayag

रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के घोलतीर-नगरासू क्षेत्र में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रेलवे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले बैचिंग प्लांट में अचानक आग लग गई। आग लगते ही प्लांट से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से आग को फैलने से रोक लिया गया और समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।

Fire Breaks Out at Railway Batching Plant in Rudraprayag

जानकारी के अनुसार, दिनभर संचालन के बाद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बैचिंग प्लांट को बंद किया जा रहा था। इसी दौरान प्लांट के बेस हिस्से में गैस वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। वेल्डिंग के दौरान अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में प्लांट के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के तुरंत बाद कंपनी के कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। समय पर आग पर काबू पाने से बड़ा हादसा टल गया। आगे पढ़िए..

अधिकारियों के अनुसार, घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है। फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रेलवे निर्माण कार्य पर इस घटना का कितना प्रभाव पड़ेगा, इसका भी मूल्यांकन किया जा रहा है। आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक (सिविल) ओ.पी. ने बताया कि गैस वेल्डिंग के दौरान बैचिंग प्लांट के बेस हिस्से में आग लगी थी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों और कार्यप्रणाली की समीक्षा किए जाने की संभावना है। विशेषज्ञ यह भी जांच करेंगे कि आग लगने के पीछे तकनीकी कारण क्या थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।