रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी-जाखधार मोटर मार्ग पर बारिश के दौरान डामरीकरण का वीडियो वायरल होने के बाद लोक निर्माण विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि PWD का कहना है कि अधिकांश कार्य बारिश से पहले पूरा हो चुका था।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rain-Time Roadwork Sparks Questions in Guptkashi
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी-जाखधार मोटर मार्ग पर बारिश के दौरान किए गए सड़क मरम्मत और डामरीकरण कार्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तेज बारिश के बीच सड़क पर डामर बिछाया गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Rain-Time Roadwork Sparks Questions in Guptkashi
जानकारी के अनुसार, गुप्तकाशी-जाखधार मोटर मार्ग पर सड़क मरम्मत और पैचवर्क का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने बारिश के बीच सड़क पर डामर बिछाते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सड़क निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बारिश के दौरान डामरीकरण से बचा जाता है। उनके अनुसार गीली सतह पर डामर की उचित बॉन्डिंग नहीं बन पाती। इससे सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है। भविष्य में सड़क उखड़ने, गड्ढे बनने और समय से पहले क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किसी विशेष निर्माण की गुणवत्ता का अंतिम निष्कर्ष केवल तकनीकी परीक्षण और विभागीय जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि तकनीकी मानकों की अनदेखी कर बारिश के दौरान डामरीकरण किया गया, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।लोक निर्माण विभाग, गुप्तकाशी खंड के अधिशासी अभियंता आर.पी. नैथानी ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सड़क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त था, जिससे विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका थी। उन्होंने बताया कि मौसम साफ रहने के दौरान पैचवर्क कराया गया था। डामरीकरण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका था। अंतिम चरण में अचानक बारिश शुरू हो गई। यह कहना सही नहीं होगा कि बारिश के बीच ही निर्माण कार्य शुरू किया गया। सड़क कहीं से भी नहीं उखड़ी है और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है।
अब जांच पर टिकी निगाहें
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों की मांग है कि स्वतंत्र तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सड़क निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।