श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डोईवाला PG कॉलेज के एक पूर्व छात्र ने छह साल बाद भी टीसी और चरित्र प्रमाणपत्र नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की है। वहीं कॉलेज प्राचार्य का कहना है कि प्रमाणपत्र रोके नहीं गए हैं
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: SDSUV Student Waits 6 Years for Certificates
देहरादून: श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला से पढ़ाई पूरी कर चुके एक पूर्व छात्र ने कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पौड़ी निवासी छात्र का कहना है कि उसने वर्ष 2020 में अपनी पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन छह साल बीतने के बाद भी उसे स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) और चरित्र प्रमाणपत्र नहीं मिल पाए हैं।
SDSUV Student Waits 6 Years for Certificates
छात्र के मुताबिक, प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए उसने कॉलेज प्रशासन से कई बार संपर्क किया और पत्राचार भी किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कॉलेज स्तर पर लंबे समय तक समाधान नहीं होने के बाद छात्र ने अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का रुख किया है। शिकायत में छात्र ने बताया कि पढ़ाई पूरी होने के बाद से ही वह जरूरी प्रमाणपत्र हासिल करने का प्रयास कर रहा है। उसका कहना है कि प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे आगे की शैक्षिक और अन्य प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र ने संबंधित कॉलेज प्रशासन को प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में कई बार पत्र भेजने की बात भी शिकायत में कही है। आगे पढ़िए..
वहीं, कॉलेज प्रशासन ने छात्र के आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला के प्राचार्य डॉ. देवेश भट्ट ने कहा कि कॉलेज की ओर से किसी भी छात्र का प्रमाणपत्र रोका नहीं जाता। प्राचार्य के मुताबिक, संबंधित छात्र प्रमाणपत्र डाक के माध्यम से भेजने की मांग कर रहा है, जबकि कॉलेज में इस तरह प्रमाणपत्र भेजने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र स्वयं कॉलेज आकर अपने प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकता है।
लाइब्रेरी की किताब वापस नहीं करने का भी दावा
प्राचार्य ने यह भी कहा कि संबंधित छात्र ने कॉलेज की लाइब्रेरी से ली गई एक पुस्तक अभी तक वापस नहीं की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायत की जानकारी संबंधित अधिकारी को भी दे दी गई है। प्राचार्य ने छात्र के आरोपों को कॉलेज की छवि प्रभावित करने वाला बताया है।
अब शिकायत के निस्तारण पर नजर
छात्र की शिकायत और कॉलेज प्रशासन के जवाब के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। एक ओर छात्र छह साल से प्रमाणपत्र नहीं मिलने की बात कह रहा है, वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि प्रमाणपत्र रोके नहीं गए हैं और छात्र कॉलेज पहुंचकर उन्हें प्राप्त कर सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के निस्तारण के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रमाणपत्र जारी करने में देरी की वास्तविक स्थिति क्या रही और छात्र की समस्या का समाधान किस स्तर पर होता है।