उत्तराखंड: अंकिता केस में CBI जांच क्यों नहीं? राज्यपाल दुष्यंत गौतम पर कांग्रेस का VIP सवाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर उठे सवालों के बीच दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर उत्तराखंड में सियासी विवाद तेज हो गया है।
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Dushyant Gautam Controversy: Dushyant Gautam Appointment Sparks Controversy
Image: Dushyant Gautam Appointment Sparks Controversy

देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अंकिता के माता-पिता की ओर से कथित वीआईपी के तौर पर उनका नाम लिए जाने के बाद भी मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई, जबकि अब उन्हें संवैधानिक पद की जिम्मेदारी दी गई है।

Dushyant Gautam’s Appointment Sparks Controversy

दुष्यंत गौतम पहले उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी रहे। अगस्त में भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें जगह नहीं मिली और सितंबर में उत्तराखंड प्रभारी की जिम्मेदारी से भी उनकी विदाई हुई। अब उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने सवाल किया है कि अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी को लेकर उठे सवालों का जवाब दिए बिना ऐसी नियुक्ति क्यों की गई।

गांधी पार्क में कांग्रेस का मौन उपवास

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के विरोध और अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल समर्थकों के साथ देहरादून के गांधी पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मौन उपवास किया। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि मामले से जुड़े गंभीर सवालों का समाधान नहीं किया गया है। पार्टी ने कहा कि कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और जांच के जरिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने नियुक्ति को लेकर भाजपा को घेरा

कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे महिला विरोधी बताया। पार्टी का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में उठे सवालों पर पहले स्पष्टता और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार से जवाब मांगा है। दूसरी ओर, राज्यपाल की नियुक्ति एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाती है। दुष्यंत गौतम पर लगाए गए आरोपों और राजनीतिक दलों के बयानों को जांच एवं न्यायिक निष्कर्षों से अलग समझना जरूरी है।

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग फिर तेज

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि मामले से जुड़े सवालों का जवाब मिलना और न्याय सुनिश्चित होना जरूरी है। दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के बाद यह मुद्दा उत्तराखंड की राजनीति में फिर चर्चा का विषय बन गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और संबंधित एजेंसियां उठाए जा रहे सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।