उत्तराखंड पुलिस की वर्दी, टोपी के प्रतीक चिह्न और पुलिस ध्वज में बदलाव की तैयारी है। राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलने के बाद नई पहचान के साथ नजर आएगी पुलिस, बदलाव पर 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Police Uniform and Badge to Get a New Look
देहरादून: उत्तराखंड पुलिस जल्द ही नए स्वरूप में नजर आ सकती है। पुलिस विभाग की वर्दी पर लगने वाले इनसिग्निया, टोपी के फॉरमेशन साइन और पुलिस ध्वज में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की छाती पर भी उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी की तर्ज पर एक बैज लगाया जाएगा। इन बदलावों का उद्देश्य पुलिस की विभागीय पहचान को नया स्वरूप देना है। वर्दी पर लगे बैज और प्रतीक चिह्न पुलिसकर्मियों के पद, अनुशासन और विभाग की पहचान को दर्शाते हैं। ऐसे में नए प्रतीक चिह्न लागू होने के बाद उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहले से कुछ अलग नजर आ सकती है।
Uttarakhand Police Uniform and Badge to Get a New Look
पुलिसकर्मियों की वर्दी पर लगने वाले प्रतीक चिह्नों में बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत छाती पर नया बैज लगाने की तैयारी है। इसके अलावा टोपी पर लगाए जाने वाले फॉरमेशन साइन में भी बदलाव किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2021 में तत्कालीन डीजीपी अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस के लिए एक मोनोग्राम यानी बैज जारी किया था। पुलिसकर्मी इस बैज को अपनी बाईं बाजू पर लगाते हैं। अब इस मोनोग्राम में भी कुछ बदलाव किए जाने की तैयारी है।
उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस कलर
उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर (निशान) से सम्मानित किया गया है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में पुलिस को यह सम्मान औपचारिक रूप से प्रदान किए जाने का कार्यक्रम है। इसी के साथ पुलिस विभाग के ध्वज के स्वरूप में भी बदलाव की तैयारी है। पुलिस ध्वज के रंग में परिवर्तन होने के बाद विभागीय कार्यालयों और भवनों पर लगे पुराने ध्वज भी बदले जाएंगे।
6 नवंबर को होगा पुलिस विभाग का कार्यक्रम
राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर को मनाया जाता है। पुलिस विभाग की ओर से राष्ट्रपति पुलिस कलर से संबंधित कार्यक्रम 6 नवंबर को आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इस कार्यक्रम के बाद पुलिस की नई पहचान और प्रतीक चिह्नों से जुड़े बदलावों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
पुलिस विभाग पर पड़ेगा 4 से 5 करोड़ रुपये का भार
वर्दी, बैज, प्रतीक चिह्न और पुलिस ध्वज में बदलाव का असर विभाग के बजट पर भी पड़ने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन बदलावों पर करीब 4 से 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नए बैज और प्रतीक चिह्न लगाने के साथ विभागीय कार्यालयों में पुराने पुलिस ध्वज बदलने का खर्च भी शामिल हो सकता है। पुलिसकर्मियों को नई वर्दी खरीदने की जरूरत भी पड़ सकती है।
कार्यालयों और पुलिस भवनों पर भी बदले जाएंगे ध्वज
बदलाव केवल पुलिसकर्मियों की वर्दी तक सीमित नहीं रहेंगे। आईपीएस अधिकारियों के कार्यालयों में लगे पुराने रंग के पुलिस ध्वज भी बदले जाएंगे। इसके अलावा पुलिस विभाग के भवनों पर लगाए गए ध्वजों का रंग भी नया किया जाना है। इस तरह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी, प्रतीक चिह्न और ध्वज में बदलाव के जरिए विभाग की पहचान को नया स्वरूप देने की तैयारी है।