गैरसैंण विधानसभा सत्र: 1500 जवान तैनात, 445 सवालों का उत्तराखंड सरकार देगी जवाब

गैरसैंण विधानसभा सत्र के लिए 1500 जवान तैनात, क्षेत्र को 5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया। 31 विधायकों ने सत्र के लिए 445 सवाल लगाए हैं।
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Gairsain Assembly Session: Gairsain Assembly Session Begins Amid Tight Security
Image: Gairsain Assembly Session Begins Amid Tight Security

चमोली: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सत्र के दौरान सदन के भीतर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि बाहर कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। स्थिति को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। वहीं, सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से कुल 445 सवाल लगाए गए हैं।

Gairsain Assembly Session Begins Amid Tight Security

भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में मंगलवार, 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले सत्र के पहले दिन ही विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन की संभावना है। कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है। दुकमुतासैंण, मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कई स्थानों पर लोहे के मजबूत गेट और कंटीले तारों से सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

5 सुपर जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया क्षेत्र

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, विधानसभा सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। सुरक्षा की दृष्टि से विधानसभा परिसर और गैरसैंण क्षेत्र को पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। आगे पढ़िए..

सुरक्षा में 1500 जवान तैनात, ATS और डॉग स्क्वायड भी शामिल

विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, ट्रैफिक प्रबंधन टीम, प्रांतीय रक्षक दल, आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS), डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों और विधानसभा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां सत्र के दौरान होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

31 विधायकों के 445 सवाल, सदन में उठेंगी जनसमस्याएं

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, विधानसभा सचिवालय सत्र के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। उन्होंने कहा कि विधायकों को अपनी बात रखने और जनता से जुड़े मुद्दे सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाएगा। सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 445 सवाल लगाए हैं। ऐसे में मंत्रियों को इन सवालों के जवाब देने होंगे और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष सदन में सामने आएगा।

वाहन और आगंतुकों के प्रवेश के लिए नियम सख्त

सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में प्रवेश व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। कर्मचारियों को बिना विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के अपने वाहन परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जानकारी के अनुसार, विधायकों की संस्तुति पर एक व्यक्ति और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इसका उद्देश्य परिसर में अनावश्यक आवाजाही को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

विधानसभा की कार्यवाही की होगी वेबकास्टिंग

सत्र की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। यह काम सूचना एवं लोक संपर्क विभाग और आईटी विकास अभिकरण की ओर से किया जाएगा। इससे प्रदेश के लोग विधानसभा की कार्यवाही देख सकेंगे और सदन में होने वाली चर्चाओं से जुड़ पाएंगे। कुल मिलाकर, भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विपक्ष के प्रदर्शन और विधायकों के सवालों पर सबकी नजर रहेगी। सत्र में उठने वाले मुद्दों और सरकार के जवाबों से प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ने की संभावना है।