उत्तराखंड: करवा चौथ की शॉपिंग के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़, जानें पूजा का मुहूर्त और चांद निकलने का समय

उत्तराखंड में करवा चौथ के अवसर पर महिला कार्मिकों के लिए 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। देहरादून में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:33 से 6:51 बजे तक और चंद्रोदय रात लगभग 8:08 बजे बताया गया है।
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Karwa Chauth 2026: Karwa Chauth 2026 Women Celebrate the Festival with Traditional Rituals
Image: Karwa Chauth 2026 Women Celebrate the Festival with Traditional Rituals

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने करवा चौथ के अवसर पर प्रदेश की महिला कार्मिकों को एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की सौगात दी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ के लिए महिला कार्मिकों को अवकाश दिया गया है। वहीं, प्रदेशभर में त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। महिलाएं सोलह शृंगार की खरीदारी के साथ मेहंदी, फेशियल और मेकअप की तैयारियों में जुटी हैं। अगर आप भी करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, तो यहां जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय।

Karwa Chauth 2026: Women Celebrate the Festival with Traditional Rituals

करवा चौथ का पर्व गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। शाम को करवा माता की पूजा और व्रत कथा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।

करवा चौथ के प्रमुख समय

तारीख: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
पूजा का शुभ मुहूर्त (देहरादून): शाम 5:33 बजे से 6:51 बजे तक
चंद्रोदय का अनुमानित समय (देहरादून): रात 8:08 बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त: रात लगभग 10:09 बजे
ध्यान रखें कि चंद्रोदय का समय शहर और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कुछ मिनट अलग हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में आसपास के पहाड़ों के कारण चंद्रमा दिखाई देने में भी देरी हो सकती है।

करवा चौथ पर महिला कार्मिकों को मिलेगा अवकाश

उत्तराखंड सामान्य प्रशासन विभाग ने करवा चौथ के अवसर पर महिला कार्मिकों के लिए एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। जारी आदेश के अनुसार, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिकों को 29 अक्टूबर को अवकाश दिया गया है। इस फैसले से करवा चौथ मनाने वाली महिलाओं को पूजा और त्योहार की तैयारियों के लिए समय मिल सकेगा। हालांकि, अलग-अलग संस्थानों में आदेश लागू होने की स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग या कार्यालय से की जा सकती है।

उत्तराखंड के बाजारों में करवा चौथ की रौनक

करवा चौथ से पहले प्रदेशभर के बाजारों में खरीदारी बढ़ गई है। कपड़े, सर्राफा, कॉस्मेटिक और मनिहारी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दे रही है। महिलाएं साड़ी, सूट, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, करवा, छलनी, पूजा की थाली और सोने-चांदी के आभूषण खरीद रही हैं। त्योहारी सीजन में बढ़ती ग्राहकी से व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है। कई जगह पति भी अपनी पत्नी के साथ बाजार पहुंचकर उपहार और आभूषण पसंद कर रहे हैं।

लक्सर में ब्यूटी पार्लरों पर बढ़ी भीड़

हरिद्वार जिले के लक्सर शहर में भी करवा चौथ को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों के साथ ब्यूटी पार्लरों में भी रौनक बढ़ गई है। महिलाएं मेहंदी, फेशियल और मेकअप के लिए तीन से चार दिन पहले ही बुकिंग करा रही हैं। ब्यूटी पार्लर पहुंचीं महिला आरती गोयल ने बताया कि उन्हें करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि यह सुहागिनों के पसंदीदा त्योहारों में से एक है, जिसे महिलाएं हंसी-खुशी मनाती हैं। ब्यूटी पार्लर संचालिका ऋतु के मुताबिक, पिछले तीन-चार दिनों से पार्लर में अच्छा काम चल रहा है। महिलाएं सजने-संवरने के लिए लगातार पहुंच रही हैं। त्योहार को देखते हुए उनके पार्लर में फेशियल और मेकअप पर विशेष छूट भी दी जा रही है।

सर्राफा दुकानों पर भी बढ़ी खरीदारी

लक्सर के सर्राफा व्यापारी केतन अरोड़ा ने बताया कि करवा चौथ को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह है और इस बार दुकानदारी भी अच्छी चल रही है। महिलाएं आभूषणों की जमकर खरीदारी कर रही हैं। करवा चौथ पर सोलह शृंगार का विशेष महत्व माना जाता है। इसी वजह से चूड़ियों, आभूषणों और अन्य श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ जाती है। बाजारों में बढ़ती ग्राहकी से दुकानदारों को त्योहार के दौरान बेहतर बिक्री की उम्मीद है।

करवा चौथ की पूजा कैसे करें?

करवा चौथ पर महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं। दिनभर व्रत रखने के बाद शाम को परंपरा के अनुसार करवा माता और अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है तथा व्रत कथा सुनी जाती है। रात में चंद्रमा दिखाई देने पर उसे अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद परंपरा के अनुसार चंद्र दर्शन और पति के दर्शन कर व्रत खोला जाता है। पूजा की विधि और समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग तथा पारिवारिक परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए। उत्तराखंड में सरकारी अवकाश की घोषणा और बाजारों में बढ़ती रौनक के बीच महिलाएं करवा चौथ की तैयारियों में जुटी हैं। अब शाम को पूजा और रात में चंद्र दर्शन के साथ यह पर्व मनाया जाएगा।