गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के दौरान ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत 10 विधेयक पारित किए गए। भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के बीच...
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Assembly Session Ends 10 Bills Passed
चमोली: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में बुधवार को दो दिवसीय विधानसभा सत्र का समापन हो गया। सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, विनियोग विधेयक और अन्य विधेयक पारित करा लिए। इस तरह अनुपूरक विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित हुए। भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन के भीतर प्रदर्शन किया, काले झंडे लहराए और कागज फेंके। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
Uttarakhand Assembly Session Ends, 10 Bills Passed
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले दिन विधानसभा में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। बुधवार को सदन में विरोध के बीच अनुपूरक अनुदान मांगों पर कार्यवाही पूरी की गई और बजट पारित कर दिया गया। इसके साथ ही उत्तराखंड विनियोग (2026-27 का अनुपूरक) विधेयक भी पारित हुआ। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त जरूरी खर्चों के लिए धनराशि का प्रावधान करती है।
हंगामे के बीच पारित हुए 10 विधेयक
विधानसभा के पहले दिन सदन में नौ विधेयक रखे गए थे। दूसरे दिन इनके साथ अनुपूरक विनियोग विधेयक पारित किया गया। पारित विधेयकों में सिंचाई, वित्तीय प्रबंधन, निवेश, जन विश्वास, अल्पसंख्यक शिक्षा, सिविल कानून, अग्निशमन, जीएसटी और निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विषय शामिल रहे।
पारित किए गए विधेयकों की सूची:
उत्तराखंड विनियोग (2026-27 का अनुपूरक) विधेयक, 2026
उत्तराखंड सिंचाई जल निकासी विधेयक, 2026
उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) द्वितीय विधेयक, 2026
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड सिविल विधि (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026
इन विधेयकों के पारित होने के साथ सत्र में निर्धारित प्रमुख विधायी कार्यवाही पूरी हुई।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग उठाई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन के बाहर धरना दिया। इसके बाद सदन के भीतर भी विरोध जारी रहा। विपक्षी विधायक नियम 310 के तहत 210 करोड़ रुपये से जुड़े मामले पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भी नारे लगाए गए। विरोध के दौरान काले झंडे लहराए गए और कागज फेंके गए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। सुबह पहले कार्यवाही 11:20 बजे तक और फिर दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद सदन दोबारा चला, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। शोर-शराबे के बीच सरकार ने बजट और विधेयकों को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की।
बाढ़ सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी उठा
सदन में कांग्रेस विधायक मोहम्मद शहजाद ने नियम 58 के तहत बाढ़ सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने जवाब दिया। इसके अलावा कोटद्वार क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए दीवार बनाने से जुड़ा मामला भी सामने आया। इस कार्य के लिए स्थानीय लोगों की ओर से खर्च की गई धनराशि का मुद्दा उठाए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को संबंधित लोगों का पैसा लौटाने के निर्देश दिए।
फोटो सेशन को लेकर भी मतभेद
विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों के फोटो सेशन को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए। भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने विपक्ष के फोटो सेशन से अलग रहने पर आपत्ति जताई। वहीं, विपक्ष की ओर से विधायकों के साथ हुए व्यवहार का हवाला देते हुए फोटो सेशन में शामिल न होने की बात कही गई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि नए विधायकों के फोटो सेशन का अवसर निकल गया है।
दो दिन में आठ घंटे चार मिनट चली सदन की कार्यवाही
उपलब्ध विवरण के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय सत्र में सदन की कार्यवाही कुल आठ घंटे चार मिनट चली। पहले दिन मंगलवार को कार्यवाही सुबह 11 बजे से शाम 5:58 बजे तक चली। दूसरे दिन विरोध और स्थगन के कारण कार्यवाही अलग-अलग समय पर संचालित हुई। पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसके बाद सरकार ने अनुपूरक अनुदान मांगें और विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयक सदन के पटल पर रखे थे।
गैरसैंण में इस साल दूसरी बार आयोजित हुआ सत्र
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में वर्ष 2026 में मार्च के बाद अक्टूबर में दूसरी बार सत्र आयोजित हुआ। उत्तराखंड गठन के बाद गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। दो दिवसीय सत्र के समापन के साथ अनुपूरक बजट और विधायी कार्यवाही पूरी हो गई। विपक्ष ने जहां विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध किया, वहीं सरकार ने हंगामे के बीच बजट और विधेयकों को पारित कराया। अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।