पहले मैच में हारने के बाद उत्तराखंड की टीम को आखिरकार पहली जीत हासिल हो गई है। इस बार पहले मैच के मुकाबले ये टीम ज्यादा मजबूत नज़र आई।
-
आदिशा
-
Image: Uttarakhand team won first match in vijay hazare trophy
: निगाहें जीत पर होनी चाहिए, टीम वर्क मैदान पर दिखना चाहिए, पिछली हार से सबक लेना चाहिए तभी तो जीत हासिल होगी। उत्तराखंड की पहली रणजी टीम के लिए ये ही कहा जा सकता है। इस वक्त उत्तराखंड की टीम विजय हजारे ट्रॉफी में पहली बार उतर रही है। पहले मैच में भले ही जीत का प्रेशर साफ दिख रहा हो और बिहार के हाथों इस टीम को हार झेलनी पड़ी हो लेकिन दूसरा मैच तो बिल्कुल भी अलग रहा। अब उत्तराखंड की टीम का मुकाबला पुडुचेरी की टीम से था। पुडुचेरी की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। इस बार उत्तराखंड की टीम दबाव में खेलना ही भूल गई और यहीं से पुडुचेरी की टीम की शामत आ गई। ओपनर करनवीर कौशल और विनीत सक्सेना की जोड़ी मैदान पर आई लेकिन विनीत सक्सेना इस बार सिर्फ 1 रन ही बनाकर पैवेलियन के लिए चल पड़े।
यह भी पढें - देवभूमि के ऋषभ पंत ने इंग्लैंड में जड़ा शतक, कई रिकॉर्ड तोड़कर बनाई पहली टेस्ट सेन्चुरी
उत्तराखंड की टीम पर एक बार फिर से प्रेशर दिखने लगा, तो दूसरे छोर से करनवीर कौशल ने कमान संभाल ली। कौशल का साथ देने के लिए वैभव भट्ट मैदान पर आए। फिर तो दोनों की जोड़ी ने पुडुचेरी के गेंदबाजों की खूब धुलाई कर डाली। दोनों ने 173 रनों की शानदार पार्टनरशिप की। करनवीर कौशल ने शतक जड़़ा और वैभव भट्ट ने अर्धशतक जड़ा। हालांक शतक की ओर जाते दिख रहे वैभव भट्ट 73 रन पर आउट हो गए। इसके बाद टीम को एक और पार्टनरशिप देखने को मिली। मलोलन रंगराजन और सौरभ रावत के बीच 6ठे विकेट के लिए बेहतरीन पार्टनरशिप हुई। रंगराजन ने 36 और सौरभ रावत ने 35 रन बनाए। इस बार उत्तराखंड की टीम ने पूरे 50 ओवर खेले और पुडुचेरी के सामने जीत के लिए 291 रनों का लक्ष्य रखा।
यह भी पढें - Video: पहाड़ी छोरे का पाकिस्तान के खिलाफ मैच में जलवा, इस साल का बेस्ट कैच लपका
जवाब में खेलने आई पुडुचेरी की टीम कुछ खास कमाल नहीं कर पाई और 226 रनों पर ही सिमट गई। उत्तराखंड की टीम की तरफ से सन्नी राणा ने 4 विकेट लिए।दीपक धपोला ने एक बार फिर से किफायती गेंदबाजी की और 2 विकेट अपने नाम किए। हालांकि उत्तराखंड के कप्तान रजत भाटिया इस वक्त बुरी फॉर्म से गुजर रहे हैं। इस मैच में उन्होंने बल्लेबाजी में सिर्फ 10 रन बनाए और गेंदबाजी में एक भी विकेट नहीं ले पाए। इसके अलावा मयंक मिश्रा ने एक, मलोलन रंगराजन ने एक और धनराज शर्मा ने एक विरेट अपने नाम किया। ये उत्तराखंड की टीम के लिए पहली उपलब्धि है। विजय हजारे में पहली जीत हासिल करना बेहद जरूरी था। इससे आने वाले मैचों के लिए नया हौसला और नया आत्मविश्वास मिलेगा। शाबाश उत्तराखंड।