‘स्कूल वैन में दो अंकल मेरे साथ गंदी हरकत करते थे। मैं रो पड़ती थी। इसके बाद वो मुझ पर थप्पड़ मारते थे’। देवभूमि की बेटी ने ये बयान दिया तो हर कोई रो पड़ा
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कपिल
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Image: haldwani school girl speaks about her painfull moment
नैनीताल: देवभूमि की उस बेटी की आंखों ने बचपन में कई सपने देखे। खिलौनों से खेलने की उम्र में कुछ वहशी दरिंदों ने उसे ऐसा जख्म दिया, जिसे वो कभी भूल नहीं पाएगी। पता नहीं वो अब कभी मुस्कुरा भी पाएगी या नहीं। वो मासूम उम्र में ही कई जख्मों को अपने जिस्म में लेकर जीने के लिए मजबूर हो गई है। हल्द्वानी में स्कूल वैन में बच्ची के साथ जो कुछ हुआ, उसने हर किसी को दंग कर दिया। स्कूल में वैन को चलाने वाले ड्राइवर और कंडक्टर पर आरोप है कि वो हर दिन उस बच्ची के नाजुक अंगों को नोंचते थे। बच्ची ने जब अपने माता-पिता को इस बारे में बताया तो हड़कंप मच गया। अस्पताल में बच्ची का इलाज किया गया तो उसने डॉक्टर से कुछ ऐसी बातें बताई कि हर किसी की आंखों से आंसू निकल गए। रोते रोते उस मासूम ने अपना दर्जद बयां कर दिया।
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मासूम बच्ची ने अस्पताल में डॉक्टर के सामने कहा कि ‘स्कूल वैन में दो अंकल मेरे साथ गंदे गंदे काम करते थे। जब मैं रोती थी तो एक अंकल थप्पड़ भी मार देते थे।’नैनीताल रोड पर सिथ्त नर्सिंग होम में बच्ची का इलाज चला, तो महिला डॉक्टर ने बताया कि ‘बच्ची के साथ जो हुआ था, उसे मेडिकल की भाषा में दुष्कर्म ही कहा जाता है’। मासूम बच्ची की मां ने जब डॉक्टर के सामने बच्ची से पूछना शुरू किया तो उस मासूम ने कहा कि वैन में दोनों दरिंदों ने उसके साथ कई बार गंदा काम किया। जब दर्द होने पर मासूम बच्ची रोती थी, तो उसे थप्पड़ मारे जाते थे। इतना दर्द अपने अंदर समाए हुई थी ये बच्ची। अगर आपकी बच्ची भी स्कूल वैन से जाती है तो हमारी आपसे अपील है कि कृपया उस बच्ची का ध्यान जरूर रखें।
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इस मामले के सामने आने के बाद हल्द्वानी में विभिन्न संगठनों ने स्कूल के गेट के आगे नारेबाजी की। स्कूल प्रबंधन का पुतला फूंका गया। हंगामा इतना बढ़ गया कि उसे शांत कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को मौके पर पहुंचना पड़ा। अभिभावक संघर्ष समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को भी इस बारे में जानकारी दी गई। लेकिन स्कूल प्रबंधन इस मामले पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुटा रहा। बच्ची के गरीब माता-पिता को स्कूल प्रबंधन ने जाने क्या बात बताई कि माता पिता रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार ही नहीं हुए। बहुत समझाने पर भी वो गरीब मां-बाप सिर्फ मारपीट की शिकायत देने की बात कह रहे थे। रेप से पीड़ित बच्ची चार दिन से स्कूल नहीं गई है। एक सामाजिक कार्यकर्ता को जब ये बात पता चली, तो उसने स्कूल वैन के चालक और परिचालक के खिलाफ धारा 354 और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज करवाया।