उत्तराखंड में जिसे पुलिस मरा हुआ समझ रही थी, उसने थाने पहुंच कर पुलिसवालों को हैरान कर दिया।
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कोमल
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Image: Sadhu reached in police station in uttarakhand
उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर के किच्छा में जिस साधु को पुलिस मरा हुआ समझ रही थी, वो अचानक पुलिसकर्मियों के सामने आ खड़ा हुआ तो पुलिस दंग रह गई। इस साधु के बारे में कहा जा रहा था कि वो गुरुवार को झोपड़ी में आग लगने की वजह से मर गया था, पुलिस ने मौके से एक लाश भी बरामद की थी, जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने की वजह से मौत की बात सामने आई थी। अब बड़ा सवाल ये है कि जब साधु जिंदा है, तो पुलिस ने झोपड़ी से जो जली हुई बॉडी बरामद की वो किसकी थी। मामला पिपलिया गांव का है, जहां गुरुवार रात झोपड़ी में आग लग गई थी, पुलिस ने झोपड़ी से एक जला हुआ शव बरामद किया था, जिसे झोपड़ी में रहने वाले साधु का शव बताया जा रहा था। इस बारे में अखबारों में खबर छपी तो मरने वाला साधु उमाशंकर खुद कोतवाली पहुंच गया। कोतवाली पहुंचकर साधु ने जो बताया उसे सुनकर पुलिसवाले हैरान रह गए।
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साधु ने पुलिस को बताया कि वो पिछले दो-तीन महीने से गांव में रह ही नहीं रहा था। उसे अखबारों के जरिए अपनी मौत की खबर मिली, यही वजह है कि वो बात साफ करने के लिए थाने पहुंच गया। साधु के जिंदा होने की खबर से पुलिस हैरत में है। दरअसल पुलिस ने झोपड़ी से मिली लाश का उमाशंकर के नाम से पोस्टमार्टम करा दिया था। शुक्रवार को ग्रामीणों ने लाश का अंतिम संस्कार भी कर दिया। थाने पहुंचे साधु ने बताया कि वो अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए यूपी के बलिया गए हुए थे। मामला खुलने के बाद अब पुलिस झोपड़ी में मिली लाश की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। बड़ा सवाल ये है कि जब झोपड़ी में रहने वाला साधु जिंदा है तो जिसकी लाश झोपड़ी से मिली थी वो कौन था। कहीं किसी को मार कर उसकी लाश झोपड़ी में तो नहीं रख दी गई थी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही ये पता चलेगा कि झोपड़ी में मिली लाश किसकी थी। पुलिस जांच में जुटी हुई है।