शादी में झगड़े के दौरान युवक की हत्या के बाद बांसुलीसेरा के ग्रामीणों ने समारोहों में शराब ना परोसने का फैसला किया है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: alchohol baned in bansulisera almora uttarakhand
नैनीताल: ये घटना 17 अप्रैल की है....द्वाराहाट के बिंता घाटी में शादी समारोह के दौरान डीजे को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था, दोनों पक्षों के लोग शराब के नशे में धुत थे...उस वक्त तो बात आई-गई हो गई, लेकिन झगड़ा करने वाले युवकों ने इस बात को दिल पर लगा लिया था और 30 साल के एक युवक की हत्या कर दी। ये घटना हम आपको इसलिए याद दिला रहे हैं क्योंकि शादी समारोह के दौरान हुई इस दुखद घटना से गांव वाले अब तक सदमे में हैं और भविष्य में ऐसा ना हो इसके लिए गांव वालों ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जिनके बारे में जान कर आप भी उनकी तारीफ करने लगेंगे। बांसुलीसेरा से जुड़े तमाम गांवों के वाशिंदों ने महापंचायत में ये ऐलान किया है कि अब किसी भी खुशी के समारोह में शराब नहीं परोसी जाएगी। जो भी पार्टी के नाम पर शराब परोसेगा उसे समाज से बहिष्कृत किया जाएगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। हाल ही में बांसुलीसेरा की महिलाओं और युवाओं ने शराबबंदी को लेकर महापंचायत बुलाई थी, जिसमें हाट, गोफा, इनाड़ी आदि गावों के महिला व युवक मंगल दल के सदस्य पहुंचे।
यह भी पढें - देवभूमि के इस गांव में पंचायत का बड़ा फैसला, दारू पीने वाले अब संभल जाएं
महापंचायत में फैसला लिया गया कि किसी भी शुभ कार्य में अब शराब या अन्य नशीले पदार्थ नहीं परोसे जाएंगे। जो भी ऐसा करेगा, उस से पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा, साथ ही उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। इसके साथ ही शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची रोकने के लिए टीका लगाने के दौरान गोला देने की प्रथा पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया। महापंचायत में हिस्सा लेने आई महिलाओं ने कहा कि युवाओं ने भी शराबबंदी का समर्थन किया है, जो काबिले तारीफ है। महापंचायत में बांसुलीसेरा समिति के पदाधिकारियों के साथ दूसरे गांवों के लोग भी मौजूद थे। बांसुलीसेरा के लोगों ने युवक की हत्या की घटना से सबक लेते हुए शराबबंदी को जो फैसला लिया है, वो परिवर्तन की दिशा में बढ़ाया गया अच्छा कदम है। उम्मीद है इससे शादियों में कॉकटेल के नाम पर होने वाली शराबखोरी और दिखावे की बढ़ती प्रवृत्ति खत्म होगी। पहाड़ के दूसरे क्षेत्रों में भी शराबखोरी और उसके दुष्परिणामों को रोकने के लिए ऐसे कठोर कदम उठाए जाने की जरूरत है।