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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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: उत्तराखंड में पावन बद्रीनाथ धाम के कपाट आज श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह 4 बजकर 15 मिनट के शुभमहूर्त पर भगवान बद्रीनाथ के कपाट विधि-विधान से खोले गए, जिसके बाद श्रद्धालु भगवान बद्रीनारायण के दर्शन कर सकेंगे। देवभूमि में स्थित बद्रीनाथ धाम का भगवान विष्णु के चारों धामों में प्रमुख स्थान है। बद्रीनाथ धाम में नर और नारायण की पूजा होती है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु को ये नगरी इतनी मनमोहक लगी थी कि उन्होंने यहां रहकर ही ध्यान मग्न होने का मन बना लिया था। लोक मान्यताएं हैं कि आज भले ही ये क्षेत्र भगवान नारायण का क्षेत्र हो, लेकिन एक वक्त था जब यहां देवों के देव महादेव विराजते थे। कहा जाता है कि बद्रीनाथ में पहले भगवान शिव परिवार सहित रहा करते थे। भगवान शिव और भगवान विष्णु एक-दूसरे के आराध्य थे, पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान विष्णु को साधना के लिए एकांत स्थान की जरूरत थी, उन्हें भगवान शिव का धाम बद्रीनाथ भा गया, लेकिन यहां तो पहले से ही भोलेनाथ रह रहे थे। आगे जानिए पूरी कहानी...