उत्तराखंड पुलिस ने कुलजीत हत्याकांड का खुलासा कर दिया है...कुलजीत के पति ने ही साढ़े सात लाख रुपये की सुपारी देकर पत्नी की हत्या कराई थी।
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कोमल नेगी
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Image: kuljeet murder mistry solved in uttarakhand lalkuan
नैनीताल: अपराधी चाहे कितना ही शातिर क्यों ना हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता...कहते हैं ना कि परफेक्ट क्राइम जैसी कोई चीज नहीं होती, लालकुआं में सड़क हादसे में मारी गई कुलजीत की मौत कोई एक्सीडेंट नहीं, बल्कि सोची समझी साजिश थी, और इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है कुलजीत का पति हरचरण सिंह, जिसने कि पत्नी की हत्या के लिए साढ़े सात लाख रुपये की सुपारी दी थी...ऐसे ही हैवान पतियों की वजह से लोगों का विवाह जैसी संस्था से भरोसा उठता जा रहा है, जो कि अपने स्वार्थ के लिए किसी की जान लेने तक से पीछे नहीं हटते। ये घटना 7 मई की है, रात साढ़े आठ बजे ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हरचरण सिंह उर्फ छोटू की पत्नी 30 वर्षीय कुलजीत कौर को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी। अस्पताल में कुलजीत की मौत हो गई, एक्सीडेंट के तीन दिन बाद छत्तीसगढ़ से आई कुलजीत की बहन सुरजीत ने अपने जीजा पर हत्या का शक जताते हुए उसके खिलाफ मुकद्मा दर्ज कराया था।सुरजीत की बात सच निकली..कुलजीत की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या थी। पति ने ही उसकी हत्या के लिए खटीमा के एक प्रतिष्ठित रेता-बजरी कारोबारी के जरिए नानकमत्ता और केलाखेड़ा के दो लोगों से सांठगांठ कर कुलजीत की हत्या कराई थी।
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अब पत्नी के हत्यारे पति समेत चारों आरोपी पुलिस के शिकंजे में हैं, पुलिस ने हत्याकांड के मास्टर माइंड पति समेत चारों आरोपितों को हत्या, षडयंत्र रचने समेत तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। पूछताछ में हरचरण सिंह ने बताया कि वो कुलजीत से तलाक लेना चाहता था, लेकिन कुलजीत उसे तलाक देने के लिए तैयार नहीं हुई। वो मकान से कब्जा भी नहीं छोड़ रही थी, इसी वजह से उसने पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पत्नी की हत्या के लिए उसने रेता-बजरी कारोबारी लक्ष्मण सिंह भाटिया, नरेंद्र सिंह और ड्राइवर छिंदर सिंह उर्फ छिंदा की मदद ली। आरोपियों को उसने 3 लाख दस हजार रुपए एडवांस दिए थे, जबकि जबकि चार लाख चालीस हजार रुपये हत्या करने के बाद देना तय हुआ था। घटना वाले दिन आरोपी कुलजीत की रैकी कर रहे थे, जैसे ही वो टैंपों से उतरकर शिवपुरी कॉलोनी में चावल लेने गई, आरोपी छिंदा ने उसे कार से जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर नैनीताल जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।