सलाम भावना..युद्ध का मिशन पूरा करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनी

देश की पहली महिला फाइटर पायलट भावना कंठ ने एक बार फिर इतिहास रच दिया, अब वो दिन के वक्त युद्ध मिशन में जाने के लिए तैयार हैं..
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भावना कंठ: flying leautinent bhawna kanth
Image: flying leautinent bhawna kanth

: देश की पहली महिला लड़ाकू पायलट में से एक भावना कंठ ने एक बार फिर इतिहास सच दिया। वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कंठ पहली भारतीय महिला फाइटर पायलट बनीं हैं, जो दिन के समय में किसी भी मिशन पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने युद्ध मिशन में शामिल होने की योग्यता हासिल कर ली है, और ऐसा करने वाली वो देश की पहली महिला फाइटर पायलट हैं। इस मिशन को भावना कंठ ने दिन में लड़ाकू विमान मिग-21 उड़ाकर पूरा किया। ये जानकारी देते हुए वायु सेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने कहा कि भावना दिन में लड़ाकू विमान में उड़ान भर कर मिशन में कामयाबी हासिल करने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। भावना की ये उपलब्धि बेहद खास है। वो भारतीय वायु सेना के पहले बैच की महिला फाइटर पायलट हैं। साल 2016 में भावना के साथ ही दो अन्य महिला पायलट अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह को भी फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर चुना गया था। चलिए अब आपको भावना कंठ के बारे में थोड़ी और जानकारी दे देते हैं। इसी साल मार्च के महीने में भावना ने फाइटर स्क्वाड्रन 17 ज्वाइन कर पहली बार मिग-21 बाइसन फाइटर जेट को अकेले उड़ाया था। फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी के बाद ऐसा करने वाली वो दूसरी महिला पायलट बनीं। भावना इस वक्त बीकानेर स्थित नल बेस पर तैनात हैं। वायु सेना अधिकारियों ने बताया कि अगर वो रात के मिशन का प्रशिक्षण पूरा कर लें, तो उन्हें रात्रि अभियान में भी जाने की इजाजत दी जाएगी।

भावना कंठ मूल रूप से बिहार की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1 दिसंबर 1992 को बिहार के बरौनी में हुआ। 10वीं तक की पढ़ाई भावना ने बेगूसराय जिले के बरौनी रिफाइनरी के डीएवी स्कूल से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए वो कोटा चली गईं। कोटा में रहते हुए भावना ने इंजीनियरिंग के एंट्रेंस एग्जाम के लिए कोचिंग की थी। इसी दौरान उन्होंने एनडीए ज्वाइन करने के बारे में सोचा, पर बाद में वो मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स स्ट्रीम में इंजीनियरिंग करने के लिए बेंगलुरु के बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग चली गईं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके पास जॉब के ढेरों ऑप्शन थे, पर भावना ने कुछ और ही ठान रखा था। उन्होंने भारतीय वायु सेना की परीक्षा दी और और इसमें कामयाब होने के बाद जल्द ही भारत की पहली महिला लड़ाकू पायलटों में से एक बन गईं। भावना स्क्वॉड्रन में नवंबर 2017 में शामिल हुई थीं...अपनी मेहनत और बुलंद हौसले के दम पर भावना वायु सेना में अधिकारी बनीं हैं। ये केवल भावना की जीत नहीं, बल्कि देश की हर उस बेटी की जीत है, जो कि सेना में जाने और दुश्मनों को धूल चटाने का सपना देखती है। भावना कंठ अब एक रोल मॉडल हैं, जिन्हें देख दूसरी होनहार बेटियां भी फाइटर पायलट बनने की राह पर चल पड़ी हैं।