देवभूमि के अजीत डोभाल पर पीएम मोदी का भरोसा कायम, इस बार भी बने रहेंगे ‘बॉस’

नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश की बागडोर संभालने जा रहे हैं, उनकी अफसर लॉबी में अजीत डोभाल को फिर से एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
उत्तराखंड: ajit doval in modi officer lobey
Image: ajit doval in modi officer lobey

: लोकसभा चुनाव में मिली जबर्दस्त जीत के बाद बीजेपी एक बार फिर सत्ता में आ गई। चुनाव के नतीजे अब सबके सामने हैं, पीएम मोदी दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी बदलाव होना है। मोदी कैबिनेट में किसे जगह मिलेगी और किसे नहीं, इस पर चर्चाएं जारी है। एक महत्वपूर्ण बदलाव और होना है, और ये बदलाव होगा पीएम मोदी की पॉवरफुल अफसर लॉबी में। इस बार अफसर लॉबी में नए चेहरे देखने को मिलेंगे। देश के अहम पदों पर नए अफसरों को जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन अफसरों की लॉबी के केंद्र में इस बार भी उत्तराखंड मूल के अजीत डोभाल ही रहेंगे, ये भी तय है। अजीत डोभाल इस वक्त राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, हालांकि एनएसए अजीत डोभाल के साथ कई नए डिप्टी एनएसए आ सकते हैं। इस वक्त यहां ज्वाइंट इंटेलीजेंस कमेटी के चेयरमैन रहे आरएन रवि, रॉ के पूर्व सचिव राजेंद्र खन्ना और पूर्व राजदूत पंकज सरन बतौर डिप्टी एनएसए काम कर रहे हैं। आर्मी के विशेषज्ञ भी एनएसए का हिस्सा बन सकते हैं। साथ ही उत्तर पूर्व, जम्मू कश्मीर, नक्सल और बॉर्डर मेनेजमेंट के एक्सपर्ट भी एनएसए से जुड़ेंगे।

यह भी पढें - मोदी कैबिनेट में दिखेंगे उत्तराखंड के ये चेहरे? मिल सकता है केन्द्रीय मंत्री का पद
पीएमओ के अलावा देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी आईबी और विदेशी मामलों की खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ भी अगले माह तक बदल दिए जाएंगे। चलिए अब आपको बताते हैं कि पीएम मोदी की पॉवरफुल अफसर लॉबी में कौन-कौन से नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में नई रणनीति के तहत राज्यपाल के सलाहकार पद पर नई नियुक्तियां किए जाने की चर्चा है। इसके साथ ही रॉ और आईबी के नए निदेशकों का नाम इन्हीं एजेंसियों में काम करे सीनियर अफसरों में से तय किया जाएगा। रॉ के लिए पहले स्पेशल सेक्रेटरी सामंत गोयल के साथ ही के.इलांगों के नाम की चर्चा हो रही थी। हालांकि इन दोनों का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। सामंत गोयल का नाम सीबीआई विवाद में सामने आया था, जबकि के. इलांगो साल 2015 में श्रीलंका में तैनाती के दौरान विवादों में आए थे। ऐसे में अब इलांगो को रॉ के सेक्रेटरी पद पर तैनात करने की संभावनाएं कम हैं।

यह भी पढें - बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद लेकर देश की कमान संभालेंगे नरेन्द्र मोदी
इनके बाद एमपी कॉडर के वी. जौहरी और आर.कुमार का नाम आता है। बताया जाता है कि इन दोनों में से ही किसी एक अफसर को रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। आईबी डायरेक्टर की जिम्मेदारी अरविंद कुमार को मिल सकती है, जो कि बिहार कॉडर के 1984 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें कश्मीर मामलों और काउंटर टेरोरिज्म का एक्सपर्ट का माना जाता है। पीएमओ में भी बदलाव होने हैं, हालांकि पीएम के एडिशनल प्रिसिंपल सेक्रेटरी डॉ. पीके मिश्रा पीएमओ की धुरी बने रहेंगे। आपको बता दें कि रॉ चीफ अनिल धस्माना और आईबी डायरेक्टर राजीव जैन दिसंबर-2018 में रिटायर हो गए थे, पर इन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। पीएमओ, डीओपीटी और एनएसए इन दोनों अफसरों की कार्यप्रणाली से खुश हैं, इसलिए इन्हें पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग मिलना लगभग तय है।