Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
नैनीताल: हादसा...अगर ऐसे वक्त में कोई एक सेकंड के लिए आपकी जिंदगी बचाने के लिए आगे आए, तो वो देवदूत से कम नहीं। ये बात भी सच है कि उत्तराखंड के लोगों की दिलेरी के चर्चे पूरे देश में हैं। किसी की मदद करने में उत्तराखंड के लोग घबराते नहीं और अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। ऐसा ही एक नजारा भीमताल में देखने को मिला है। यहां एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और झील में समा गई। जब झील में कोई कार समा जाए...तो समझ लीजिए कि मौत निश्चित है। लेकिन जो मौत के मुंह से किसी जिंदगी को वापस से लाए, तो वो देवदूत से कम नहीं। जानकारी के मुताबिक कार में सवार युवक अभिषेक अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने आया हुआ था। बताया जा रहा है कि वो परिवार को होटल में छोड़कर किसी काम से भीमताल जा रहा था। आगे पढ़िए