उत्तराखंड के इस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, मारपीट में जूनियर छात्र का कान फटा

मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों संग मारपीट की, जूनियर छात्रों ने 5 सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया है...
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उत्तराखंड न्यूज: ragging in haldwani medical college
Image: ragging in haldwani medical college

नैनीताल: रैगिंग एक गंभीर अपराध है। कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, फिर भी रैगिंग के मामले लगातार सामने आते हैं। जूनियर छात्रों के लिए रैगिंग से जुड़े अनुभव बेहद भयावह होते हैं, जिसकी वजह से वो कई बार पढ़ाई तक छोड़ देते हैं। चिंता की बात ये है कि आमतौर पर शांत माने जाने वाले उत्तराखंड में भी कॉलेजों में रैगिंग के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हल्द्वानी का है, जहां मेडिकल कॉलेज में रैगिंग को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस दौरान हुई मारपीट में एक जूनियर छात्र का कान फट गया। जूनियर छात्रों ने सीनियर छात्रों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से पांच सीनियर छात्रों की शिकायत की है। वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वो ये मामला अनुशासन समिति के सामने रखेंगे। आरोप साबित होने पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज का है। गुरुवार को एमबीबीएस थर्ड ईयर के छात्र हॉस्टल में मौजूद थे। तभी कुछ जूनियर छात्र भी वहां पहुंच गए।

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आरोप है कि सीनियर छात्र हॉस्टल में मौजूद जूनियर छात्रों को परेशान कर रहे थे। जूनियर छात्रों ने विरोध किया तो नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। मारपीट में मो. जफर नाम के जूनियर छात्र का कान फट गया। हंगामा बढ़ने पर सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल जूनियर छात्र को अस्पताल ले गए। घटना के बाद गुस्साए जूनियर छात्र प्राचार्य के कमरे के बाहर बैठ गए। ये छात्र आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने प्राचार्य से मुलाकात कर पांच सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने माना है कि छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। मारपीट में एक छात्र को चोट लगी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि मामले को अनुशासन समिति के सामने रखा जाएगा। दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।