जय हिंद: देवभूमि का सपूत लेबनान में ड्यूटी के दौरान शहीद, गांव में शोक की लहर

जवान रमेश सिंह नेगी की लेबनान में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। वो शांति सेना का हिस्सा बन बीती 4 मई को लेबनान गए थे...
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उत्तराखंड न्यूज: ramesh singh negi martyer uttarakhand
Image: ramesh singh negi martyer uttarakhand

: वीर भूमि उत्तराखंड वीरों की जननी है, लेकिन देश के सैनिकों को जन्म देने वाली इस धरती को उनकी शहादत का गम भी सहना पड़ता है। इस वक्त पूरा उत्तराखंड शोक में डूबा है। उत्तराखंड का एक और लाल देश के प्रति अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हो गया। रुड़की के रहने वाले जवान रमेश सिंह नेगी ड्यूटी करते वक्त शहीद हो गए। रमेश सिंह नेगी की ड्यूटी इस वक्त लेबनान में थी। वो ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी मौत हो गई। मौत की वजह हार्ट अटैक होना बताई जा रही है। जवान रमेश सिंह नेगी मूल रूप से चमोली के पोखरी के रहने वाले थे। इस वक्त उनका परिवार रुड़की के ढंढेरा में रह रहा है। जैसे ही रमेश की मौत की खबर घर पहुंची, परिजनों पर मानों बिजली गिर गई। एक पल के लिए वो यकीन नहीं कर पाए कि रमेश अब कभी वापस नहीं लौटेंगे। पत्नी बिलख रही है, बच्चे भी पिता के यूं चले जाने से गमगीन हैं। नंदा कॉलोनी स्थित उनके घर में कोहराम मचा है।

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रमेश सिंह नेगी अपने परिवार के साथ टोडा गांव की नंदा कॉलोनी में रहते थे। वो जाट रेजीमेंट का हिस्सा थे। साल 1998 में जवान रमेश नेगी सेना में शामिल हुए। बीती 4 मई को वो शांति सेना का हिस्सा बन लेबनान गए थे। परिजनों को जो सूचना मिली है, उसके अनुसार बीती 10 जुलाई को उन्हें हार्ट अटैक आया, सेना के अन्य साथी उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर गए, पर रमेश बच नहीं सके। जब से उनकी मौत की खबर घर पहुंची है, घर में मातम पसरा है। परिजन उनके पार्थिव शरीर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। 17 जुलाई की शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके रुड़की स्थित आवास पर पहुंचने की संभावना है। इस वक्त शहीद के घर में लोगों की भीड़ लगी है। गांव से उनके परिजन भी आ गए हैं। 17 जुलाई को पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।